IPS Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश कैडर की तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी कृष्णावेणी देशावतु एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार उन्हें बेहतरीन पुलिसिंग के लिए राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है. गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस, फायर, होमगार्ड और अन्य सेवाओं के लिए पदकों की घोषणा की. मध्य प्रदेश पुलिस के 21 अधिकारी और कर्मचारियों को इस बार पदक दिए जाएंगे, जिनमें चार पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक मिलेगा. इस सूची में IPS कृष्णावेणी देशावतु का नाम भी शामिल है.
‘लेडी सिंघम' के नाम से पहचान
कृष्णावेणी देशावतु मध्य प्रदेश पुलिस में IG रैंक की अधिकारी हैं. वे अपने सख्त और दबंग अंदाज, तेज फैसलों और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं. इसके साथ ही उनका स्टाइलिश लुक और व्यक्तित्व भी अक्सर चर्चा में रहता है. इन्हीं खूबियों के चलते मीडिया और पुलिस महकमे में उन्हें “लेडी सिंघम” कहा जाता है.
हैदराबाद से IPS बनने तक का सफर
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करीब 19 साल का शानदार पुलिस करियर
अपने लगभग 19 वर्षों के सेवा काल में कृष्णावेणी देशावतु ने मध्य प्रदेश पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. वे देवास की पुलिस अधीक्षक (SP), पीटीएस उज्जैन की SP, ग्वालियर रेंज की DIG और DIG, स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF), सेंट्रल रेंज, भोपाल जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थ रहीं.
कोविड काल में साइकिल गश्त से बनी पहचान
कृष्णावेणी देशावतु ने कोविड-19 महामारी के दौरान देवास SP रहते हुए बाजार में साइकिल से गश्त की, जो उनकी संवेदनशील और जमीनी पुलिसिंग की पहचान बना. आम जनता के बीच उनकी इस पहल की काफी सराहना हुई. IPS कृष्णावेणी देशावतु 2009 बैच के IAS अधिकारी श्रीकांत बनोथ की पत्नी हैं. श्रीकांत बनोथ मध्य प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे चुके हैं.
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