MP में 3 लाख लोग एक साथ पढ़ेंगे श्रीमद्भगवद्‌गीता, सीएम करेंगे शुभारंभ; पर्यटन मंत्री बोले-"गीता जटिल समस्याओं का समाधान"

मध्य प्रदेश में International Geeta Festival 2025 के तहत 3 लाख लोग एक साथ Bhagavad Gita Chapter 15 का पाठ करेंगे. उज्जैन, भोपाल और इंदौर में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम, Geeta Bhavan Indore का लोकार्पण और विशेष प्रस्तुतियाँ आयोजित होंगी.

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International Geeta Festival 2025: मध्य प्रदेश इस बार गीता जयंती को इतिहास में दर्ज होने वाले अंदाज़ में मनाने जा रहा है. 1 दिसंबर 2025 को पूरे राज्य में ऐसा अद्वितीय आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिलेगा, जब एक ही दिन 3 लाख से अधिक लोग सामूहिक रूप से श्रीमद्भगवद्‌गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ करेंगे. इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को लेकर सरकार, संतसमाज और श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह है.

मुख्यमंत्री करेंगे गीता महोत्सव का शुभारंभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 दिसंबर को होने वाले गीता महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ करेंगे. इस दिन प्रदेश के 313 विकासखंड, 55 जिला मुख्यालय और 10 संभागों में आचार्यों और संतों की उपस्थिति में सामूहिक पाठ होगा. उज्जैन, भोपाल और इंदौर में विशेष आयोजन भी रखे गए हैं. इंदौर के राजवाड़ा स्थित गोपाल मंदिर में प्रदेश के पहले “गीता भवन” का लोकार्पण भी किया जाएगा. इसी दौरान गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा होगी.

महोत्सव के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह महोत्सव सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि व्यापक सांस्कृतिक जागरण का माध्यम है. उन्होंने कहा कि गीता जीवन के हर संघर्ष में मार्गदर्शन देती है. सरकार का उद्देश्य है कि गीता का संदेश हर नागरिक तक पहुँचे और समाज में कर्तव्य, अनुशासन और सकारात्मकता का वातावरण बने.

उज्जैन में तीन दिवसीय भव्य सांस्कृतिक आयोजन

उज्जैन के दशहरा मैदान में 1 से 3 दिसंबर तक बड़े स्तर पर कार्यक्रम होंगे. पहले दिन अभिनेता पुनीत इस्सर की नृत्य-नाटिका “जय श्रीकृष्णा” का मंचन होगा. दूसरे दिन वैष्णवी शर्मा अपना काव्यपाठ ‘विराटजयी' प्रस्तुत करेंगी और मुंबई के मोहित शेवानी व दल ‘कृष्णायन' का सांगीतिक प्रदर्शन देंगे. अंतिम दिन ‘विश्ववंदनीय' और ‘गीता ऑन व्हील्स' जैसी प्रस्तुतियाँ दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति कराएंगी. “माधव दर्शनम्” नाम की लघु चित्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी.

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भोपाल में दिव्यांग कलाकारों की प्रस्तुति और प्रदर्शनी

भोपाल के रविन्द्र भवन में “गीता ऑन व्हील्स” का मंचन होगा, जिसमें दिव्यांग कलाकार गीता के प्रसंगों को जीवंत करेंगे. शाम 6 बजे से कृष्णायन की प्रस्तुति भी होगी. दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गीता के 15वें अध्याय का सस्वर पाठ और प्रदर्शनी का लोकार्पण होगा. आधुनिक तकनीक का उपयोग कर इन प्रस्तुतियों को बेहद रोचक बनाया गया है.

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इंदौर में पहला गीता भवन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि रहेंगे. इसी कार्यक्रम में प्रदेश के पहले गीता भवन का लोकार्पण किया जाएगा. गीता ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा भी यहीं होगी, जबकि पुरस्कार वितरण 26 जनवरी 2026 को किया जाएगा. इस दौरान संजीव मालवीय निर्देशित नृत्य-नाटिका “कृष्णायन” भी प्रस्तुत की जाएगी.

कुरुक्षेत्र में महोत्सव में MP की गूंज

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की मुख्यधारा कुरुक्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक उपस्थिति खूब दिखाई दी. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कई प्रमुख संतों की उपस्थिति में मंत्रियों और विद्वानों ने गीता के संदेश को समझाया. मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने गीता को संपूर्ण मानवजाति का श्रेष्ठ ग्रंथ बताया.

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गीता देती है स्थिरता का संदेश

अपने संबोधन में राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि जीवन निरंतर संघर्षों का क्षेत्र है. गीता हमें सिखाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, मन को स्थिर और संतुलित रखना ही सच्चा पुरुषार्थ है. उन्होंने कहा कि अर्जुन की तरह जब हम दुविधा में होते हैं, तब गीता का ज्ञान मार्ग दिखाता है.

समस्याओं के समाधान और कर्मयोग पर बल

उन्होंने कहा कि जीवन में समस्याएं नहीं, बल्कि समाधान का तरीका महत्वपूर्ण होता है. ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते' का संदेश मनुष्य को निष्काम कर्म की ओर ले जाता है, जो मोक्ष और उच्चतम स्थिति तक पहुँचने का मार्ग है. अपने भाषण में उन्होंने कहा कि आज भारत ‘राष्ट्र प्रथम' की नीति पर आगे बढ़ रहा है. मध्य प्रदेश को ‘हृदय प्रदेश' बताते हुए उन्होंने कहा कि यहाँ धर्म, संस्कृति और दर्शन के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं.