Indore Metro Project 2026: इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है. इसका असर अब सीधे लोगों के घरों तक पहुंच गया है. बड़ा गणपति क्षेत्र के रहने वाले कई परिवारों को प्रशासन लगभग 12 किमी दूर राउ के पास रंगवासा में शिफ्ट करने की तैयारी में है. दशकों से बसे ये परिवार अपने घरों को बचाने के लिए लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन घर हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है. स्थानीय लोग इसे मजबूरी नहीं, बल्कि एक बड़ा विस्थापन मान रहे हैं.
मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए हटाए जा रहे घर
इंदौर के मेट्रो रूट के बीच में आने वाले घरों को हटाने का काम तेज हो गया है. बड़ा गणपति क्षेत्र के वे मकान भी इसी दायरे में आते हैं, जो कई वर्षों से वहां बसे हुए हैं. कुल 16 घर इस क्षेत्र में ऐसे हैं जिन्हें हटाने का नोटिस दिया गया है.
रहवासी लगातार कर रहे विरोध
स्थानीय निवासी शुरू से ही इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कई बार प्रदर्शन किया, प्रशासन से बातचीत की, लेकिन उनकी मांगें पूरी नहीं हो सकीं. लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब अचानक उन्हें दूर रंगवासा भेजा जा रहा है.
रंगवासा शिफ्टिंग पर लोगों की चिंता
रहवासी बताते हैं कि रंगवासा राऊ के पास पड़ता है, जो बड़ा गणपति इलाके से 12 किमी दूर है. महिलाओं ने कहा कि उनके बच्चे आसपास के स्कूलों में पढ़ते हैं, वे खुद शहर में घरों में काम करती हैं. इतनी दूर जाने से रोज आने-जाने का खर्च और समय दोनों बढ़ जाएंगे.
घर में बुजुर्ग और अपाहिज भी, कैसे शिफ्ट हो?
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे लोगों में कई ऐसे परिवार भी थे जिनमें बुजुर्ग और अपाहिज सदस्य हैं. उनका कहना था कि वे इतनी दूर रहकर शहर में रोज़मर्रा के काम कैसे कर पाएंगे. परेशान रहवासी इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा से मिलने पहुंचे, ताकि अपनी समस्या सीधे रख सकें. लेकिन उन्हें ठोस समाधान नहीं मिला. कलेक्टर बाहर आए तो लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर चले गए. रहवासी उनके पीछे-पीछे जाते रहे, पर कोई विस्तृत सुनवाई नहीं हुई.
विजयवर्गीय के बयान से भी बढ़ी उम्मीद
इससे पहले बड़ा गणपति क्षेत्र में जारी विरोध के बीच मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि “जैसा रहवासी चाहेंगे, वैसा ही होगा.” लेकिन जमीन पर कार्रवाई इससे उलट दिख रही है, क्योंकि प्रशासन अब घर हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा चुका है.