Indore Contaminated Water Case: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने के कारण उल्टी-दस्त के प्रकोप से जान गंवाने वाले लोगों की तादाद को लेकर जारी विरोधाभास गुरुवार को भी कायम रहा. वहीं मृतकों के परिवारों से मिलने पहुंचे क्षेत्रीय विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा. परिजनों ने मंत्री द्वारा दिए गए 2 लाख रुपये के चेक को लेने से साफ इनकार कर दिया. इस दौरान विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के दौरान पिछले आठ दिन में छह माह के बच्चे समेत 13 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है, जबकि प्रशासन ने डायरिया से केवल चार लोगों की मौत की पुष्टि की है. अधिकारियों के मुताबिक पहली नजर में लीकेज के कारण पेयजल की पाइपलाइन में ड्रेनेज का गंदा पानी मिलने के कारण भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला. भागीरथपुरा, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र 'इंदौर-1' में आता है. कुल मिलाकर इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है.
मंत्री ने क्या कहा?
मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पीड़ित के घर जाकर परिवार से मुलाकात की. उसके बाद विजयवर्गीय ने उल्टी-दस्त के प्रकोप से मरे लोगों के आंकड़े को लेकर जारी विरोधाभास पर कहा,‘‘मुझे प्रशासन के अधिकारियों ने इस प्रकोप से चार लोगों की मौत की जानकारी दी है, पर यहां (भागीरथपुरा में) आठ-नौ लोगों की मौत की सूचना है. हम इस सूचना की तसदीक कर लेंगे और इसके सही पाए जाने पर संबंधित मृतकों के परिवारों के मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के अनुसार सहायता राशि प्रदान की जाएगी.''
इंदौर में दूषित पानी की वजह से तीन लोगों की मौत और करीब 149 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद, इंदौर के DM और नगर निगम कमिश्नर ने इलाके का दौरा किया. नगर निगम घरों में पानी सप्लाई कर रहा है, और जिन लोगों में कोई लक्षण दिख रहे हैं, उनके लिए एम्बुलेंस तैनात की गई हैं. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना को लेकर मेयर और अधिकारियों के साथ बैठक की.
कांग्रेस ने घेरा
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के मामले पर कहा, "इंदौर ने भाजपा को लगातार सांसद दिया और लगातार विधायक दिए लेकिन उन्होंने इंदौर को पानी में जहर दिया. सवाल उठता है कि 13 मौतें हो गईं और मुख्यमंत्री यह बोलते हैं कि 4 मौतें हुई हैं. मौतों के आकड़े को छिपाना, क्या यह मुख्यमंत्री का दायित्व था? हमने एक कमेटी गठित की है, इसकी पूरी जांच हो रही है. हम मांग करते हैं कि मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए. मुख्यमंत्री उन लोगों को सजा दें, जिनके कारण यह घटना घटी."
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