Illegal Meat Shop: अवैध दुकान पर अधिकारियों का एक्शन; दुकानदार ने कहा- पाकिस्तान से पैसे लेकर आए हो क्या?

Illegal Meat Shop Satna: बताया जा रहा है कि संबंधित मछली दुकान के पक्ष में न्यायालय से स्टे (स्थगन आदेश) प्राप्त है. कोर्ट के इसी स्टे का हवाला देते हुए दुकान सील करने की कार्रवाई पर रोक लग गई. कानूनी अड़चन के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और बिना दुकान सील किए एसडीएम को वापस लौटना पड़ा.

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Illegal Meat Shop: अवैध दुकान पर अधिकारियों का एक्शन; दुकानदार ने कहा- पाकिस्तान से पैसे लेकर आए हो क्या?

Illegal Meat Shop Satna: सतना शहर (Satna) के नजीराबाद इलाके में स्टे की आड़ में बिना लाइसेंस के संचालित मछली दुकान को सील करने पहुंचे एसडीएम (SDM) सहित सभी अधिकारी तब अचंभित रह गए जब व्यापारी ने पाकिस्तान का पैसा खा कर कार्यवाई का आरोप मढ़ दिया. जिसके बाद एसडीएम ने सख्त लहजे में चेतावनी दी. बताया गया है कि नजीराबाद में कुछ दुकान बिना लाइसेंस चलाए जाने की सूचना पर एसडीएम राहुल सिलड़िया और थाना प्रभारी सिटी कोतवाली मौके पर पहुंचे थे. तभी युनुस कुरैसी नामक व्यापारी सीधे आरोप लगाने लगा. हालांकि टीम दुकान सील नहीं कर पाई क्योंकि कोर्ट ने स्टे दे रखा था.

क्या है मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतना में एक मछली दुकान को नियमों के उल्लंघन के आरोप में सील करने के लिए एसडीएम राहुल सिलड़िया प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुँचे थे. कार्रवाई के दौरान स्थानीय कारणों और अवरोधों के चलते स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इसी दौरान दुकान संचालक यूनिस कुरैसी और एसडीएम राहुल सिलड़िया के बीच तीखी नोकझोंक हो गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों के बीच जमकर तू-तड़ाक हुई, जिससे माहौल और ज्यादा गर्मा गया.

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बताया जा रहा है कि संबंधित मछली दुकान के पक्ष में न्यायालय से स्टे (स्थगन आदेश) प्राप्त है. कोर्ट के इसी स्टे का हवाला देते हुए दुकान सील करने की कार्रवाई पर रोक लग गई. कानूनी अड़चन के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और बिना दुकान सील किए एसडीएम को वापस लौटना पड़ा.

क्या थी आरोप की वजह?

इस संबंध में बताया जाता है कि यूनिस कुरैसी तथा हाजी मुन्ना के बीच मीट मार्केट को लेकर प्रतिस्पर्धा है. दोनों के बीच चल रहे विवाद में शनिवार को अधिकारियों को अपमान का घूंट पीना पड़ गया. टीम ने स्टे की वजह से कोई कार्यवाई नहीं की. अब देखना यही होगा कि क्या प्रशासन इस मामले में जारी स्टे के संबंध में कब तक अपना जवाब देते हुए स्टे बैकेट की प्रक्रिया करता है.

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