मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में वित्तीय वर्ष 202526 के आखिरी दिन जमीन और मकानों की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पंजीयन कार्यालयों के बाहर सुबह से लेकर देर रात तक लंबी कतारें देखने को मिलीं, यहां तक कि रात 12 बजे भी लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए.
इस असाधारण भीड़ की सबसे बड़ी वजह 1 अप्रैल से लागू होने वाली नई प्रॉपर्टी गाइडलाइन को माना जा रहा है. नई दरें लागू होने के बाद रजिस्ट्री महंगी होने की आशंका है, जिसके चलते लोग पुराने रेट पर ही अपने दस्तावेज पंजीकृत कराने के लिए अंतिम दिन तक जुटे रहे.
सर्वर डाउन से बढ़ा दबाव
दिनभर तकनीकी समस्याओं के चलते पंजीयन कार्यालयों में काम प्रभावित रहा. सर्वर डाउन होने के कारण कई लोगों की रजिस्ट्रियां लंबित रह गईं, जिससे शाम होतेहोते दबाव और बढ़ गया. इसी दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने रात में भी कार्यालय खुले रखने का निर्णय लिया.
देर रात तक जारी रहा काम
भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने कर्मचारियों को देर रात तक काम करने के निर्देश दिए. इसके बाद भी लोगों की संख्या कम नहीं हुई और आधी रात तक कार्यालयों में काम चलता रहा. कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहे, लेकिन रजिस्ट्री कराने की जल्दबाजी के चलते किसी ने भी हार नहीं मानी.
वकील और दस्तावेज लेखक भी रहे सक्रिय
रजिस्ट्री के इस दबाव के बीच वकील, दस्तावेज लेखक और आम नागरिक सभी लगातार सक्रिय नजर आए. थकान के बावजूद लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे, ताकि बढ़ी हुई दरों से बचा जा सके.
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पंजीयन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त प्रयास किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक रजिस्ट्रियों का काम समय पर पूरा किया जा सके. प्रशासन का प्रयास रहा कि किसी भी व्यक्ति को अंतिम दिन परेशानी का सामना न करना पड़े.