मध्य प्रदेश के बैतूल जिला न्यायालय परिसर उस समय हाई प्रोफाइल ड्रामे का गवाह बन गया, जब एक महिला ने भरी अदालत में सीनियर अधिवक्ता अंशुल गर्ग को कथित तौर पर धमकी दे दी. सोमवार की इस घटना के बाद न्यायालय परिसर से लेकर कोतवाली थाना तक करीब तीन घंटे तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा. अब शनिवार को मामला दर्ज हुआ है.
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता अंशुल गर्ग महिला के पति की ओर से केस की पैरवी कर रहे हैं. महिला का पति प्रताड़ना के आरोपों में पूर्व में बैतूल जेल में बंद रह चुका है. इसी मामले को लेकर महिला अदालत पहुंची थी, जहां विवाद ने तूल पकड़ लिया.
अधिवक्ता अंशुल गर्ग का पक्ष
अधिवक्ता अंशुल गर्ग ने बताया कि रिया तिवारी और आशा तिवारी पहले भी अधिवक्ताओं के खिलाफ अभद्र भाषा के आरोप लगा चुकी हैं. उन्होंने कहा कि जब वह महिला के पति की ओर से जमानत अर्जी लगाने जा रहे थे, तब उनके साथ अभद्रता की गई. यह न्याय व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करना है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोतवाली थाने में लिखित शिकायत और बयान के बाद भी कथित तौर पर किसी के फोन आने के बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज नहीं किया.
अधिवक्ता संघ का अल्टीमेटम
अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष अशोक वर्मा के अनुसार, यदि पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं की तो 27 जनवरी, जो कि वर्किंग डे है, उस दिन अधिवक्ता काम बंद कर हड़ताल करेंगे.
महिला का कहना है कि अधिवक्ता अंशुल गर्ग पहले उनका केस लड़ रहे थे, लेकिन बाद में अचानक उन्होंने उसके पति का केस ले लिया. महिला ने अधिक पैसे के बदले धोखेबाजी करने का आरोप भी अधिवक्ता पर लगाया है.
कोतवाली टीआई के मुताबिक अधिवक्ता संघ की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है, जिस पर जांच के बाद जो उचित होगा वह कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल महिला की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं आया है.