Harda SDM office: हरदा में करोड़ों रुपये की लागत से बना नया एसडीएम कार्यालय भवन गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है. महज एक साल पहले हैंडओवर हुए इस भवन में बड़ी-बड़ी दरारें आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं. मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.
दीवारों में 8 इंच तक दरारें
हरदा जिला मुख्यालय की तवा कॉलोनी में करीब 1 करोड़ 31 लाख रुपये की लागत से निर्मित नया एसडीएम कार्यालय भवन अब विवादों में है. भवन की दीवारों में 6 से 8 इंच तक चौड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है. भवन के दोनों किनारों और पीछे के हिस्से में स्ट्रक्चरल जॉइंट खुल चुके हैं. वहीं बेसमेंट और ऊपरी हिस्से के बीच का गैप लगातार बढ़ने की बात सामने आई है. तकनीकी जानकार इसे नींव धंसने या निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का परिणाम मान रहे हैं.

भवन की दीवारों में दरारें आ गई. कई जगह से जोड़ भी खुल गए.
2023 में हुआ था भूमिपूजन
यह भवन हरदा जिला बनने के 28 साल बाद एसडीएम और तहसील कार्यालय के लिए तैयार किया गया था. इसका भूमिपूजन 19 अप्रैल 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तत्कालीन प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने किया था. मामले के सामने आने के बाद कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने पीआईयू के माध्यम से निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है और भवन की मरम्मत के निर्देश दिए हैं.
SDM बोले- 'जिम्मेदार के खिलाफ होगी कार्रवाई'
एसडीएम अशोक डेहरिया ने भवन की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा है कि निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब है. उन्होंने पूरे मामले की रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है और दोषी ठेकेदार के साथ-साथ उस समय निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.
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