Hanuman Tekri Mandir: गुना जिले का सबसे प्राचीन मंदिर हनुमान टेकरी शहर से 5 किलोमीटर दूर पहाड़ी पर स्थित है. यहां एक लाइन में लगातार तीन पहाड़ियां है. एक हनुमान टेकरी... दूसरी रामटेकरी और तीसरी लक्ष्मण टेकरी. हनुमान टेकरी पर बजरंगबली की स्वयंभू दक्षिणमुखी हनुमान प्रतिमा है. यह प्रतिमा सातवीं शताब्दी की है. कहा जाता है कि दक्षिणमुखी हनुमान जी यहां अपने आप प्रकट हुई थी. यह मंदिर महाभारत कालीन माना जाता है. यहां साधु संतों की तपोभूमि भी रहा है.
खुदाई में निकले थे सोने के सिक्के
कहा जाता है कि कर्ण ने भी इस स्थान पर तपस्या की थी. यहां दूर दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं और मन्नत मांगते हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां हर श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती है. आज से तकरीबन 21 साल पहले इस मंदिर का निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था. दरअसल, पहले यह एक मढिया थी. मढ़िया से मंदिर बनाने के लिए जब जीर्णोद्धार किया जा रहा था, उस दौरान खुदाई में यहां सोने के सिक्के मिले थे. इतना ही नहीं मंदिर के नीचे की तरफ जब पत्थर हटाया गया तो बड़ी संख्या में सांप निकले.... सांपों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि आखिरकार उस जगह को बंद करना पड़ा. इतना ही नहीं वहां खुदाई भी रोकनी पड़ी. ऐसा भी कहा जाता है कि कुछ साधुओं की समाधि भी खुदाई के दौरान मिली थी, जो बाद में गुफा बंद कर दी गई.
नाग देवता करते हैं पहरेदारी
वहीं मंदिर के पुजारी जेके महाराज ने बताया कि जब यहां मढ़िया थी तो उसके गेट से लगी हुई एक चमेली की बेल थी. उस बेल पर हमेशा नाग देवता रहते थे. कहा जाता है कि वो हर समय बालाजी सरकार की पहरेदारी किया करते थे. मंदिर का जीर्णोद्धार हो जाने के बाद भी पीछे के पेड़ पर नाग देवता दिखाई देते हैं. आज भी वह हर समय मंदिर की पहरेदारी करते हैं.
रात में मंदिर में नहीं रुकता कोई
ऐसी मान्यता है कि रात के समय में यहां मीटिंग होती है. पास की पहाड़ियों पर से देवता आते हैं और उनकी बैठकों का दौर चलता है. वहीं एक किंवदंती यह भी है कि बड़ी दोज पर रात को रामटेकरी से यहां तक बरात आती है. दरअसल, मशाल रोशनी यहां दिखाई देती है. आसपास के ग्रामीण बताते हैं कि हमलोगों कई बार रोशनी देखीं. यही वजह है कि रात में यहां कोई नहीं रुकता. बता दें कि बाबा का पसंदीदा भोग बूंदी और बेसन के लड्डू है.हर दिन बालाजी सरकार को बूंदी और बेसन के बने लड्डू का भोग लगाया जाता है.
संतान की प्राप्ति के लिए लोग चढ़ाते हैं झूला
यहां शिवजी का मंदिर है. नीचे की ओर सिद्ध बाबा का और मैया रानी का भी मंदिर है. यहां श्रद्धालु सिद्ध बाबा से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगते हैं... कहा जाता है कि हर पूजा करने के बाद संतान की प्राप्ति होती है. वहीं मनोकामना पूर्ण होने के बाद यहां पर झूले चढ़ाए जाते हैं.
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