Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में स्ट्रीट डॉग अब सिर्फ लोगों को काट ही नहीं रहे हैं बल्कि वे हिंसक होकर जानलेवा भी साबित होने लगे हैं. डॉग बाईट की शिकार एक महिला की मौत होने से चिंता बढ़ गई है. 48 साल की महिला किरण लालवानी क़ो 30 दिसंबर क़ो काटा था. बीती रात उनकी हाईड्रॉफोबिया से मौत हो गई. इसके साथ ही नगर निगम के दावों की एक बार फिर कलई खुल गई. हाल ये है कि लगभग 20 हजार डॉग्स शहर की सड़कों पर स्वछन्द रूप से घूमकर लोगों को अपना शिकार बनाने में जुटे हैं.
सिकंदर कम्पू किरण लालवानी 30 दिसंबर क़ो अपने घर से पास ही सब्जी खरीदने गई थी. रास्ते में कुत्ते ने उनके पैर में काट लिया था. दूसरे दिन महिला सिंधी कॉलोनी मे एक क्लिनिक पर गई लेकिन उसने सिर्फ टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया रैबीज का डोज़ नहीं लिया. एक माह बाद उसे दिक्क़त शुरू हुई. तीन फरवरी क़ो महिला की हालत बिगड़ने लगी. उसे हवा और पानी से डर लगने लगा.
वह जोर-जोर से चिल्लाने लगी. हालत देखकर घबराए परिजन उसे लेकर सीधे जयारोग चिकित्सालय पहुंचे. वहां पता चला कि उसे कुत्ते के काटने से हाईड्रोफोबिया हो गया है. बीती रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.
ग्वालियर में स्ट्रीट डॉग बाईट के केस सदैव चर्चा में रहते हैं. शहर में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं. अगर आंकड़ों पर बात करें तो 2025 में ही ग्वालियर के तीन सरकारी अस्पतालों में डॉग बाईट के 82 हजार 496 मरीज जेएएच, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा पहुंचे. डॉग बाइट्स की हालत यह है कि सिर्फ जनवरी में ही लगभग 9 हजार डॉग बाईट के शिकार रैबीज लगवाने पहुंच चुके है.
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