पुलिस सूबेदार बनकर 42 लोगों से किराए पर ली लग्जरी गाड़ियां, गिरवी रखकर हुआ रफूचक्कर; अब गिरफ्तार

ग्वालियर में फर्जी पुलिस सूबेदार बनकर 42 लोगों से लग्ज़री गाड़ियां किराए पर लेने और उन्हें गिरवी रखकर रकम वसूलने वाले शातिर हिमाचल शर्मा को क्राइम ब्रांच ने जयपुर से गिरफ्तार किया. आरोपी GPS हटाकर वाहनों को ट्रेस-रहित करता था.

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Fake Police Subedar Fraud Case: ग्वालियर में एक ऐसे शातिर ठग का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने खुद को पुलिस सूबेदार बताकर 42 लोगों से लग्जरी गाड़ियां किराए पर लीं, उन्हें गिरवी रखकर मोटी रकम वसूली और फिर फरार हो गया. क्राइम ब्रांच ने आरोपी हिमाचल शर्मा को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है. अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में रिमांड पर भेजा गया है. पुलिस अब उससे नेटवर्क और संपत्ति खुर्द-बुर्द करने की पूरी कहानी खंगाल रही है.

सूबेदार की वर्दी पहनकर ठगी

आरोपी हिमाचल शर्मा अलग-अलग ड्रेस पहनकर लोगों को भरोसे में लेता था. पुलिस सूबेदार की वर्दी में तस्वीरें दिखाकर वह खुद को सरकारी सिस्टम से जुड़ा बताता और टूर-ट्रैवल्स संचालकों को ऊंचे किराये का झांसा देता. इसी तरीके से उसने महंगी SUV, ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली तक किराए पर ले लिए.

42 लोगों से गाड़ियां लेकर गिरवी रखीं 

पीड़ितों के मुताबिक, हिमाचल गाड़ियां लेने के बाद उनमें लगे GPS सिस्टम हटवा देता था, ताकि लोकेशन ट्रैक न हो सके. जब मालिक सर्विस या किराये का हिसाब मांगते, तो वह टालमटोल करता और अंत में शहर से गायब हो गया. बाद में पता चला कि कई गाड़ियां गिरवी रखकर उसने पैसे उठा लिए.

आरोपी का पुराना रिकॉर्ड भी सामने आया

करीब चार दर्जन पीड़ित एसपी धर्मवीर सिंह से मिले और आरोपी की वर्दी वाली तस्वीरें दिखाकर ठगी की शिकायत दर्ज कराई. पता चला कि पटेल नगर सिटी सेंटर का रहने वाला हिमाचल पहले भी फर्जी सूबेदार बनकर लोगों को झांसा देता पकड़ा गया था और उसके खिलाफ पहले से एक मुकदमा दर्ज है.

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पुलिस ने जयपुर से धर दबोचा  

सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, पुलिस ने टेक्निकल ट्रैकिंग और इनपुट के आधार पर हिमाचल को जयपुर से गिरफ्तार किया. प्राथमिक जांच में जानकारी मिली कि वह फरीदाबाद के एक व्यक्ति के साथ मिलकर करोड़ों की गाड़ियों को खुर्द-बुर्द करने में शामिल था. पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि गिरवी रखने की लोकेशन, साथियों के नाम और पैसों के ट्रेल का पता चल सके.

पीड़ितों ने SP ऑफिस में लगाई गुहार

गिरफ्तारी की खबर के बाद कई पीड़ित SP ऑफिस पहुंचे. उनका कहना है कि उन्होंने भरोसा कर गाड़ियां दीं, लेकिन न किराया मिला न वाहन वापस. पीड़ितों ने मांग की है कि पुलिस वाहनों की बरामदी, दस्तावेजों की जांच और आर्थिक नुकसान की रिकवरी के लिए कड़ी कार्रवाई करे.

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