ग्वालियर में कांग्रेस झटका: बैरजा मंडल अध्यक्ष केदार कौशल ने पद लेने से किया इंकार, पार्टी में बढ़ी चिंता

ग्वालियर में बैरजा मंडल अध्यक्ष केदार कौशल ने पद लेने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि वह सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं. यह कदम कांग्रेस में असंतोष और आंतरिक गुटबाजी को बढ़ा रहा है.

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Kedar Kaushal Congress Gwalior Madhya Pradesh: मध्‍य प्रदेश कांग्रेस में पदों को लेकर उठापटक जारी है. ग्वालियर ग्रामीण के बैरजा मंडल के अध्यक्ष पद के लिए नामित केदार कौशल ने गुरुवार को पद लेने से इंकार कर दिया. मध्‍य प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी होने के बाद केदार कौशल ने सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं और केवल उसी पर ध्यान देना चाहते हैं, इसलिए यह पद स्वीकार नहीं कर सकते.

केदार के इस निर्णय ने कांग्रेस में चिंता बढ़ा दी है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेताओं ने इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन यह अस्वीकृति संगठन में अंदरूनी तनाव की संभावना को और बढ़ा सकती है.

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मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक फेरबदल का दौर तेज है. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने दो साल के कार्यकाल के अंतिम दिनों में 780 नए ब्लॉक अध्यक्षों की सूची जारी की, जिसका उद्देश्य पार्टी को मजबूत बनाना बताया गया. हालांकि, सूची जारी होते ही कई जिलों में असंतोष उभरा.

रतलाम ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष हर्षविजय गेहलोत ने सूची जारी होने के तुरंत बाद इस्तीफा दे दिया, जिससे पुराने गुटों के बीच चल रही तनातनी की चर्चा तेज हो गई. पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीच लंबे समय से गुटबाजी चली आ रही है, और ब्लॉक स्तर की नियुक्तियां इस गुटबाजी का नया केंद्र बनती जा रही हैं.

सूत्रों के अनुसार, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और बालाघाट जैसे कमलनाथ के गढ़ों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से असंतोष बढ़ रहा है. 2023 से जारी गुटबाजी के चलते पार्टी की आंतरिक लड़ाई अब ब्लॉक स्तर तक पहुँच चुकी है.

जीतू पटवारी ने फेरबदल को संगठन को मजबूत करने वाला कदम बताया है और कहा कि सभी नाम सर्वे और स्थानीय नेताओं की राय के आधार पर चुने गए हैं. बावजूद इसके, पदों की अस्वीकृति और इस्तीफों ने पार्टी के भीतर तनाव को और बढ़ा दिया है.

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