पापा ने नहीं दिलाई साइकिल, तो 7वीं के छात्र ने रची खुद के अपहरण की कहानी, फिर...

गुना में 7वीं कक्षा के छात्र के कथित अपहरण का सच पुलिस जांच में सामने आया. बच्चा साइकिल न मिलने की नाराज़गी में स्कूल से घर न जाकर बिलोनिया तक पैदल चला गया और थककर पुल के नीचे लेट गया. होश में आने पर अपहरण की झूठी कहानी बताई.

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Guna Kidnapping False Claim 2026: मध्य प्रदेश के गुना शहर में उस समय हड़कंप मच गया, जब कक्षा 7वीं का एक छात्र स्कूल से घर लौटते हुए अचानक लापता हो गया. कुछ घंटों बाद वह शहर से दूर बिलोनिया क्षेत्र में ‘अचेत' अवस्था में मिला और जागने पर दावा किया कि दो लोगों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया. यह खबर फैलते ही शहर में सनसनी फैल गई. लेकिन जब पुलिस ने गहराई से पूछताछ की, तो इस ‘अपहरण' की कहानी के पीछे एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई. बच्चे ने बताया कि पिता ने साइकिल नहीं दिलाई, जिससे वह नाराज था और ये कहानी रची. 

कैसे शुरू हुई किडनैपिंग की कहानी? 

गुना शहर में रहने वाले एक परिवार का 12 वर्षीय बेटा रोज की तरह 13 फरवरी को स्कूल गया था. परीक्षा खत्म होने के बाद वह घर आने की बात कहकर निकला, लेकिन घर नहीं पहुंचा. इसी बीच बिलोनिया में ग्रामीणों को एक बच्चा ब्रिज के नीचे ‘बेहोश' मिला. जब होश आने पर ग्रामीणों ने उससे पूछा, तो बच्चे ने दावा किया कि स्कूल के बाहर पानी की बोतल भरते समय कार सवार दो लोगों ने उसे पकड़कर नशीला पदार्थ सुंघाया और अगवा कर लिया.

पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई

सूचना मिलते ही एफआरबी 112 मौके पर पहुंची और बच्चे को कैंट थाने लाया गया. उसके पिता को भी तुरंत बुला लिया गया. मामला गंभीर लगने पर सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने भी बच्चे से पूछताछ की. पहले तो बच्चा अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन पुलिस को उसकी बातों में कई विरोधाभास दिखे. जिसके बाद पूछताछ का तरीका बदला गया.

मनोवैज्ञानिक पूछताछ में सामने आया सच

जब पुलिस ने बच्चे से प्यार से बात की और उसे विश्वास में लिया, तो उसने खुद ही पूरी सच्चाई बता दी. उसने बताया कि वह कई दिनों से पिता से साइकिल दिलाने की जिद कर रहा था. उसे लगता था कि घर में उसकी बहनों की हर इच्छा पूरी होती है, लेकिन उसकी नहीं. नाराज होकर वह स्कूल से घर जाने के बजाय पैदल-पैदल हाईवे होते हुए बिलोनिया तक पहुंच गया.

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थकान, भूख और डर के कारण वह पुल के नीचे लेट गया. पकड़े जाने के डर और पिता को अपनी अहमियत दिखाने के लिए वहीं उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ ली.

पुलिस ने दी समझाइश

पूरी सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने बच्चे को समझाया कि ऐसा कदम कितना खतरनाक हो सकता है. पुलिस ने माता-पिता को भी सलाह दी कि बच्चे की भावनाओं को समझें और उससे बातचीत बढ़ाएं. मामले को शांत करने के बाद बच्चे को सुरक्षित माता-पिता के सुपुर्द कर दिया गया.

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माता-पिता के साथ घर लौट गया- सीएसपी

सीएसपी ने बताया कि 12 साल के बच्चे की सूचना डायल-112 को मिली थी. पहले बच्चे ने अपहरण की कहानी सुनाई, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि वह पिता से साइकिल न मिलने की नाराजगी में घर से दूर चला गया था.
उन्होंने कहा कि बच्चे को समझाइश दी गई है और अब वह अपने माता-पिता के साथ घर लौट गया है.