Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील में दूषित पानी के मुद्दे पर हुए कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. बीजेपी कार्यकर्ताओं की शिकायत पर नेपानगर थाना पुलिस ने 12 कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है. यह प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल पीने से हुई मौतों के विरोध में किया गया था.
कैसे हुआ पूरा विवाद?
8 जनवरी 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेपानगर स्थित बीजेपी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क के डिवाइडर पर बेशर्म के पौधे लगाए और गंदे पानी से भरी बोतलें बीजेपी दफ्तर के सामने रखकर जोरदार नारेबाजी की. इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई.
बिना अनुमति रैली निकालने का आरोप
बीजेपी मंडल अध्यक्ष निलेश महाजन ने शिकायत में आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बिना अनुमति अंबेडकर चौराहा से मातापुर बाजार तक रैली निकाली. इसके बाद बीजेपी कार्यालय की सीढ़ियों पर चढ़कर गंदे पानी से भरी बोतलें रखीं और जानबूझकर माहौल को उग्र किया.
बीजेपी का यह भी कहना है कि जिस भवन के सामने प्रदर्शन हुआ, वहां पार्टी के वरिष्ठ नेता मनोज माहेश्वरी का निवास भी है, जिससे कानून व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था.
इन 12 कांग्रेस नेताओं पर दर्ज हुई FIR
- जगमीत सिंह जॉली-ग्रामीण कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष
- प्रकाश सिंह बैस-शहर कांग्रेस अध्यक्ष
- पांडूरंग आमले-मंडलम अध्यक्ष
- सोहन सैनी-पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष
- विनोद पाटील-नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि
- राजेश पटेल-पूर्व नेता प्रतिपक्ष व पार्षद प्रतिनिधि
- राजू दामू पाटील-पार्षद प्रतिनिधि व मराठा समाज अध्यक्ष
- राजेंद्र मसाने-युवक कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष
- प्रेम सिंह जमरा-आदिवासी विकास परिषद जिलाध्यक्ष
- आकाश राठौर-कांग्रेस नेता
- किशोर राजपूत-कांग्रेस नेता
- पंकज मल्लना-पार्षद प्रतिनिधि
कांग्रेस का आरोप: राजनीतिक बदले की कार्रवाई
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस संगठन ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है. कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष जगमीत सिंह जॉली ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेशस्तरीय आंदोलन का हिस्सा था. उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में दूषित पानी से लोगों की मौत के जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन सवाल उठाने पर कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज कर दी गई.
भाजपा का पलटवार: कानून से ऊपर कोई नहीं
भाजपा नेताओं का कहना है कि विरोध के नाम पर कानून तोड़ने की इजाजत नहीं दी जा सकती. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस ने उकसावे वाली हरकत कर सार्वजनिक शांति भंग करने की कोशिश की, इसलिए पुलिस कार्रवाई पूरी तरह जायज है.