MP में खाद के लिए मारा-मारी: अशोकनगर में लाइन में लगा किसान बेहोश, शिवपुरी में तो चल गए लात-घूंसे

Fertilizers Crisis in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में खाद संकट गहराता जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं. कई जिलों में खाद की कमी के कारण किसानों को लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है, और कई जगहों पर तो खाद के लिए मारपीट तक की नौबत आ गई है.

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Farmers Protest For Fertilizers: मध्य प्रदेश के कई जिलों में खाद संकट बढ़ रहा है और उधर, किसानों का सब्र का बांध भी टूटने लगा है. इस वजह से किसान विरोध-प्रदर्शन करने में लगे हैं. वहीं, कहीं पर किसानों में ही मारपीट होने लगी है, क्योंकि लाइन में लगे रहने पर भी खाद नहीं मिल रहा है और टूटता सब्र आपस में विवाद को जन्म दे रहा है. शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील में किसानों के बीच खाद को लेकर जबरदस्त मारपीट हो गई. बीच-बचाव कर पुलिस ने किसानों के बीच जैसे-तैसे समझौता कराया.

अशोकनगर में एक किसान हुआ बेहोश, खाद की ले मारामारी

अशोकनगर जिले में प्रशासन और सरकार रवि फसल के लिए किसानों को पर्याप्त यूरिया होने का दावा किया जा रहा है. लगातार यूरिया, एनपीके व डीएपी का वितरण हो भी रहा है, इसके बाबजूद खाद लेने के लिए किसानों का हुजूम उमड़ रहा है. पुरानी गल्ला मंडी में सोमवार सुबह से टोकन लेने के लिए किसानों की अच्छी खासी संख्या पहुंच गई.

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उसके बाद यहां धक्का-मुक्की हो गई और किसान बेहोश हो गया. साथ ही दो लोगों को चोटें भी आई हैं. इसके बाद किसान उग्र हो गए और बाद में पुलिस ने महीदपुर निवासी किसान अजय रघुवंशी किसान को शांति भंग करने की धारा (151) में जेल भेज दिया. इसके बाद किसान और ज्यादा आक्रोशित हो गए.

शिवपुर में किसानों के बीच बढ़ा विवाद

कोलारस कस्बे की अनाज मंडी में खाद बांटते समय किसानों के बीच विवाद बढ़ गया. इस दौरान धक्का-मुक्की इतनी ज्यादा हुई कि नौबत हाथापाई तक पहुंच गई. बीच-बचाव करने पहुंचे कोलारस थाने के एएसआई के साथ भी एक युवक ने झूमाझटकी कर दी. पुलिस ने स्थानीय किसानों को समझा-बुझाकर जैसे-तैसे स्थिति को नियंत्रित किया.

वहीं, जिले की करैरा तहसील में खाद्य वितरण केंद्रों पर खाद के लिए लंबी लाइन लगी थी. इन लाइन में कई छात्र भी थे, जिनकी परीक्षा तक छूट गई, लेकिन खाद नहीं मिला. सेमरा गांव का 9वीं कक्षा का छात्र प्रद्युम्न यादव सुबह 5 बजे उठकर टोकन लेने पहुंचा. उसने बताया कि माता-पिता खेत में व्यस्त थे. इसलिए उसे स्कूल छोड़ना पड़ा. सिरसौद गांव की 12वीं की छात्रा काजल लोधी को भी एग्जाम वाले दिन खाद का टोकन लेने आना पड़ा.