Farmers Protest 2024 Latest News: किसान संगठनों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर आज 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च का आह्वान किया गया है. जिसको लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली जा रहे थे. किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च की वजह से कई जगहों पर किसानों का प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस को गोले छोड़े गए हैं. किसान संगठनों द्वारा आज बुलाए गए 'दिल्ली चलो' विरोध मार्च के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी की गई. वहीं मध्य प्रदेश में मंगलवार को कर्नाटक से दिल्ली आ रहे किसानों को भोपाल में ही डिटेन कर उन्हें महाकाल की नगरी उज्जैन ले जाया जाया गया है. जिसको लेकर विपक्षी पार्टी कांग्रेस पूरी तरह से सरकार को घेर रही है. आइए जानते हैं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Former Chief Minister of Madhya Pradesh Kamal Nath) से लेकर पीसीसी चीफ तक किसने क्या कहा है?
लोकतंत्र में अपनी बात रखने का सभी को अधिकार : जीतू पटवारी
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (Madhya Pradesh Congress Committee President) जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि जब-जब तानाशाह डरता है. पुलिस को आगे करता है. एमपी पीसीसी चीफ (MP PCC Chief) जीतू पटवारी ने लिखा है कि किसान आंदोलन में दिल्ली जा रहे कर्नाटक के किसानों को मंगलवार सुबह उज्जैन लाया गया. ये वही किसान हैं, जिन्हें सोमवार रात भोपाल रेलवे स्टेशन (Bhopal Railway Station) पर कर्नाटक एक्सप्रेस ट्रेन से उतार लिया गया था.
जीतू पटवारी
किराने की दुकान तब चलती है जब किसान की जेब में पैसा होता है: कमलनाथ
कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा "किसान ही आर्थिक गतिविधि को पैदा करते हैं. किराने की दुकान तब चलती है जब किसान की जेब में पैसा होता है. किसानों के साथ लगातार ये अन्याय होता रहा है. सबसे न्यूनतम मांग तो MSP की होनी चाहिए. कम से कम उन्हें सही भाव तो मिले. ये बहुत आवश्यक है."
उमंग ने कहा- BJP को किसानों से इतनी नफरत क्यों है?
सदन के नेता प्रतिपक्ष (Leader of The Opposition) उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने सवाल उठाते हुए कहा कि BJP को किसानों से इतनी नफरत क्यों है? केंद्र की मोदी सरकार कभी किसी की नहीं हुई, यहां तक कि अन्नदाता किसानों की भी नहीं. MSP की मांग करने वाले किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए सारे हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. सडकों पर कीलें गाड़ी जा रही, बैरियर लगा दिए, पुलिस तैनात कर दी गई कि किसान अपनी मांग करने दिल्ली तक न आ जाएं. यहां तक कि देश के दूसरे हिस्सों से दिल्ली जा रहे किसानों को रास्ते में उतारा गया. यह ज्यादती मध्य प्रदेश में भी हुई. भोपाल में भी दिल्ली जा रहे डेढ़ सौ से ज्यादा किसानों को ट्रेन से उतार लिया गया. सीएम मोहन यादव जी आखिर बीजेपी को किसानों से इतनी नफरत क्यों है? वे भी देश के नागरिक हैं और उन्हें भी अपनी बात कहने का हक है. BJP को क्या सिर्फ किसानों के वोट ही चाहिए? उनकी समस्याओं का हल कौन करेगा?
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