Shivpuri News: बिजली न मिलने पर दफ्तर के सामने फांसी लगाने लगा किसान, अधिकारी बोले- मरना है तो मर जाओ

Shivpuri News: गांव में बिजली नहीं आने से नाराज किसान बिजली दफ्तर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान एक किसान फांसी लगाने लगा, जिस पर एक अधिकारी ने कहा कि मरना है तो मर जाओ. इसके बाद किसान और आक्रोशित हो गए.

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MP News in Hindi: शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील से एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विद्युत मंडल के दफ्तर के बाहर एक किसान अपने गले में फांसी का फंदा लगाकर बिजली की डीपी चालू करने की मांग कर रहा है. उसका कहना है कि कुछ दिनों से हम ग्रामीणों को बिजली नहीं मिल रही है. हम लगातार बिजली दफ्तर में दस्तक दे रहे हैं. बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है. आज हम यहां बिजली लेने आए हैं, अगर बिजली नहीं मिलेगी तो फांसी पर लटक जाएंगे.

मामला बुधवार देर शाम का बताया जा रहा है. कोलारस तहसील के साखरौन गांव में बिजली नहीं मिलने से नाराज किसान प्रदर्शन करने विद्युत मंडल दफ्तर में पहुंचे थे.

'मरना है तो मर जाओ'

नाराज किसान का आरोप है कि अधिकारी से जब कहा गया कि एक व्यक्ति फांसी पर लटकने वाला है तो अधिकारी ने कहा, मरना है तो मर जाओ. हालांकि इस संबंध में विद्युत मंडल के जूनियर इंजीनियर का कहना है कि किसानों का आरोप निराधार है. ऐसा कोई अधिकारी नहीं कह सकता.

बाद में मौके पर कोलारस अनु विभाग के तहसीलदार पहुंचे. उन्होंने नाराज किसानों को समझाया और आश्वासन दिया कि गुरुवार सुबह 12 तक आपकी बिजली पहुंच जाएगी, तब जाकर किसान वहां से  वापस हुए.

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आठ दिनों से नहीं मिली बिजली

कोलारस के विद्युत मंडल दफ्तर पर पहुंचे किसानों हंगामा करते हुए कहा कि उनके गांव में 8 दिनों से बिजली नहीं आई है. किसान दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन करने पहुंच गए. हंगामा उस समय और ज्यादा बढ़ गया, जब विनोद लोधी नाम के किसान ने अपने गले में फांसी का फंदा लगा लिया. उसने अधिकारी से कहा, अगर बिजली नहीं दोगे तो यहीं फांसी लगाकर मर जाएंगे.

किसान ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने गांव में बिजली का बिल नहीं भरा इसलिए बिजली विभाग ने पूरे गांव की बिजली काट दी. अगर खेतों को पानी नहीं मिला और फसल चौपट हो गई तो उसके पास मरने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह जाएगा.

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क्या बोला बिजली विभाग

बिजली विभाग के सुपरवाइजर सुमित झा का कहना है कि किसानों का आरोप निराधार है. ऐसा कोई भी अधिकारी किसी किस से नहीं कह सकता कि मरना है तो मर जाओ. 30 से ज्यादा गांव के ऐसे किसान हैं, जिन पर 5 से 6 लाख रुपये विद्युत मंडल का बकाया है जो किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और जो फांसी के फंदे पर झूलने की कोशिश कर रहे हैं, उनके ऊपर भी बकाया है. जब तक  बिजली का बकाया बिल पूरा चुकता नहीं किया जाएगा, तब तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं की जाएगी.

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क्या बोले तहसीलदार

मौके पर पहुंचे इलाके के नायाब तहसीलदार शैलेंद्र भार्गव ने नाराज किसानों को समझाया. आश्वासन दिया कि कल 12 तक उनकी बिजली पहुंच जाएगी. तब जाकर किसान शांत हुए और अपने घर लौटे.

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