Dhar News: मध्य प्रदेश के धार जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. एक परिवार को वरिष्ठ लोगों ने समाज से बहिष्कृत कर दिया है, क्योंकि उसके सदस्य ने 22 वर्ष पहले दूसरी जाति की लड़की से लव-मैरिज की थी. अंतरजातीय विवाह करने से खफा समाज के लोगों ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया. इतने वर्षों के बाद उठाए गए इस कदम से पीड़ित परिवार परेशान है. परिवार ने धार जिला पहुंचकर जनसुनवाई में उन लोगों पर कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने परिवार के खिलाफ ऐसा कदम उठाया.
नौगांव निवासी महिला संगठन से जुड़ी सरोज उपाध्याय और उनके दामाद आशीष हरोड़ ने कहा कि रामी माली समाज ने कानून का उल्लंघन करते हुए उनके परिवार को समाज से बाहर किया है. इससे उनके परिवार को मानसिक क्षति हुई है और इसी के साथ परिवार की प्रतिष्ठा भी खराब हुई है. अशीष हरोड़ का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने अंतरजातीय विवाह किया. उसने समाज में आई युवतियों का समर्थन करते हुए उन्हें भी वही सम्मान दिए जाने की वकालत की थी, जो समाज की बहू-बेटियों को दिया जाता है.
छह माह के लिए किया बहिष्कृत
इसी बात को लेकर समाज के वरिष्ठ जनों ने उनकी बात का विरोध करते हुए उनके परिवार को 6 माह के लिए समाज से बहिष्कृत कर दिया. यही नहीं, उनसे समाज में प्रतिष्ठा के साथ रहने के लिए 1 लाख रुपये की मांग की जा रही है.
रामी माली समाज के इस कदम का विरोध करने के लिए पीड़ित परिवार जनसुनवाई में पहुंचा, जहां आवेदन देकर समाज के जवाबदार पदाधिकारीयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, ताकि उनके परिवार की प्रतिष्ठा बनी रहे और उन्हें न्याय मिले.
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