तंत्र क्रिया से पैसे दोगुना करने का झांसा, फिर 'चमत्कारिक' थैली में असली की जगह नकली नोट थमा कर हुआ फरार

Fraud Tantrik: आरोपी न केवल पैसे दोगुना करने का झांसा ही देता था, बल्कि संतान सुख के नाम पर भी लोगों के साथ ठगी करता था. वह विशेष रूप से ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था, जहां विवाहित महिलाएं किसी कारणवश मां नहीं बन पा रही थीं. तांत्रिक उपायों से संतान प्राप्ति का लालच देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठता और फिर गायब हो जाता था.

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Fraud on the Name of Double Money in 7 Days: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में पुलिस (Police) ने एक ऐसे फर्जी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है, जो तांत्रिक विद्या के नाम पर लोगों को ठगने का काम कर रहा था. आरोपी लोगों को रुपये दोगुना करने और संतान सुख दिलाने जैसे झूठे दावे कर विश्वास में लेता था और फिर मोटी रकम ऐंठकर फरार हो जाता था.

मामले का खुलासा फरियादी नरेंद्र कुमार चौधरी की शिकायत से हुई. उन्होंने पुलिस को बताया कि भोपाल निवासी देवनारायण उर्फ मनोहरलाल शर्मा ने तांत्रिक क्रिया के नाम पर उनके पैसे सात दिन में दोगुने करने का दावा किया. इसके बाद उन्होंने पैसे दोगुने करने के लिए उसे एक लाख 32 हजार रुपये दिए, जिसे वह धोखा देकर अपने साथ ले गया और आरोपी ने उन्हें काले कपड़े की थैली (कथित चमत्कारिक थेली ) में नकली नोटों की गड्डी देकर फरार हो गया. जब फरियादी को ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई.

साइबर सेल और तकनीकी जांच से पकड़ा गया आरोपी

टीआई अजय गुर्जर ने बताया कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की. मोबाइल लोकेशन और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 500 रुपये की दो नकली गड्डियां और 200 रुपये की एक नकली नोटों की गड्डी भी बरामद की.

संतान सुख दिलाने का झांसा देकर भी करता था ठगी

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी न केवल पैसे दोगुना करने का झांसा ही देता था, बल्कि संतान सुख के नाम पर भी लोगों के साथ ठगी करता था. वह विशेष रूप से ऐसे परिवारों को निशाना बनाता था, जहां विवाहित महिलाएं किसी कारणवश मां नहीं बन पा रही थीं. तांत्रिक उपायों से संतान प्राप्ति का लालच देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठता और फिर गायब हो जाता था.

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हर शहर में बदल लेता था पहचान

पुलिस के मुताबिक आरोपी बेहद शातिर है. वह जिस इलाके में जाता था, खुद को वहीं का निवासी बताकर लोगों का विश्वास जीत लेता था. इससे लोग उस पर जल्दी भरोसा कर लेते थे और उसकी ठगी के शिकार बन जाते थे.

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इस पूरे मामले में टीआई अजय गुर्जर के नेतृत्व में एएसआई अजय शर्मा, प्रधान आरक्षक हरिओम यादव, आरक्षक श्याम बिहारी शर्मा और लक्ष्मण बघेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एसडीओपी दीपा मांडवे ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने अन्य जिलों में भी कितने लोगों को ठगा है.

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