हॉस्टल में अव्यवस्थाओं से त्रस्त हुए आदिवासी छात्र, शिकायत लेकर पैदल ही कलेक्टर से मिलने निकले

Ratlam Eklavya Tribal Boys Hostel: रतलाम में आदिवासी छात्रों ने एकलव्य आदिवासी बालक छात्रावास की बदहाली के खिलाफ पैदल मार्च किया. छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं से त्रस्त होकर करीब दो दर्जन छात्रों ने रतलाम कलेक्टर से मिलने के लिए 12 किलोमीटर दूर डेलनपुर तक पैदल यात्रा की.

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रतलाम जिले के सैलाना के एकलव्य आदिवासी बालक छात्रावास की बदहाली से परेशान छात्रों का सब्र आखिर टूट गया. छात्रावास की अव्यवस्थाओं से त्रस्त कक्षा 10 और 12वीं तक के छात्र मंगलवार सुबह रतलाम में कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही रवाना हो गए. छात्र 12 किलोमीटर दूर डेलनपुर तक बिना रुके पैदल चले, जहां उन्हें रास्ते में कलेक्टर राजेश बाथम मिल गए. कलेक्टर ने सड़क किनारे ही बच्चों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और तत्काल सुधार के निर्देश दिए.

छात्रों ने बताया कि छात्रावास में भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है, शौचालय की स्थिति दयनीय है और छात्रावास की छतें टपकती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें बेहद खराब गुणवत्ता की गणवेश (ड्रेस) मिलती है, जो पर्याप्त नहीं है. पिछले वर्ष भी केवल एक-एक गणवेश मिला था, वह भी घटिया क्वालिटी का था.

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अधिकारियों के रोकने पर नहीं रुके छात्र

विद्यार्थियों ने जब हॉस्टल से पदयात्रा शुरू की तो प्रशासन को इसके बारे में पता चल गया. जैसे ही संज्ञान में आया तो एसडीएम मनीष जैन, एसडीओपी नीलम बघेल, आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त रंजना सिंह सहित कई अधिकारी तत्काल सक्रिय हो गए और अपने वाहनों से बच्चों के पीछे रवाना हो गए. अधिकारियों ने छात्रों को रोकने की कोशिश की, लेकिन बच्चे अपनी मांगों को लेकर अडिग रहे और रतलाम जाने की जिद पर पैदल चलते रहे.

आधे घंटे चर्चा कर कलेक्टर ने दिया आश्वासन

जब छात्र डेलनपुर के पास पहुंचे तो कलेक्टर राजेश बाथम भी वहां से गुजर रहे थे. उन्होंने छात्रों को देखकर वाहन से उतरकर उनसे करीब 30 मिनट तक चर्चा की. उन्होंने छात्रों की समस्याएं सुनीं और भरोसा दिलाया कि जल्द ही समाधान होगा. कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर एडीएम के नेतृत्व में एक समिति गठित की जाएगी, जो छात्रावास की व्यवस्थाओं की जांच करेगी और सुधार सुनिश्चित करेगी. साथ ही, आगामी समय में गणवेश और अन्य सामग्री की खरीदी छात्र समिति की निगरानी में की जाएगी.

बातचीत के बाद कलेक्टर ने तुरंत बस की व्यवस्था कर छात्रों को उनके छात्रावास वापस भेजा और उन्हें रास्ते में नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए.

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