Digital Arrest Scam MP: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में डिजिटल अरेस्ट का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड प्रोफेसर को आतंकवादी संगठन से जुड़े फर्जी आरोप में फंसाकर दो दिन तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाए रखा और उनके खाते से 10 लाख रुपये निकलवा लिए. यह घटना न केवल सनसनीखेज है, बल्कि ऑनलाइन ठगी के नए तरीके को उजागर करती है.
कैसे शुरू हुआ मामला?
जानकारी के मुताबिक, खरगोन के सनावद में रहने वाले शशिकांत कुलकर्णी, जो पॉलिटेक्निक कॉलेज के रिटायर्ड प्रोफेसर हैं. उनको 9 जनवरी को एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को एनआईए अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम पर एक वारंट जारी हुआ है क्योंकि एक आतंकवादी के पास से उनके आधार कार्ड से जुड़ा बैंक खाता मिला है. आरोपी ने दावा किया कि उस खाते से संदिग्ध लेनदेन हुआ है.
दो दिन तक डिजिटल अरेस्ट
कॉलर ने प्रोफेसर को धमकी दी कि वे फोन बंद नहीं करेंगे और किसी को जानकारी नहीं देंगे. इसके बाद उन्हें दो दिन तक वीडियो कॉल पर रखा गया, जिसे ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट' का नाम दिया. आरोपी ने डराते हुए कहा कि उनके खाते फ्रीज कर दिए जाएंगे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. ये सब सुनकर बुजुर्ग प्रोफेसर डर गए और ठग के कहे अनुसार करने लगे.
ये भी पढ़ें- रिटायर्ड शिक्षक और पत्नी हुए डिजिटल अरेस्ट, रामायण पर हाथ रखवाकर खिलाई कसम, फिर ठग लिए साढ़े 29 लाख रुपये
10 लाख रुपये की ठगी
11 जनवरी को ठगों ने प्रोफेसर को यह कहकर 10 लाख रुपये आरटीजीएस करने के लिए मजबूर किया कि इससे मामला निपट जाएगा. घबराए प्रोफेसर ने पैसे ट्रांसफर कर दिए. बाद में जब उन्होंने बेटे से बात की, तब पता चला कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी थी.
पुलिस में शिकायत और जांच
15 जनवरी को पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दी. खरगोन की एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और साइबर सेल जांच कर रही है. पुलिस ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस या एनआईए की ओर से ऐसा कोई वारंट जारी नहीं हुआ था. आरोपी अभी भी फोन कर पैसे मांग रहे हैं.
ये भी पढ़ें- 28 दिन तक Rtd प्रोफेसर का डिजिटल Arrest, 1.34 करोड़ ठगे; रतलाम में जालसाजों ने ऐसे लिखी फ्रॉड की स्क्रिप्ट