इलाज में बीमार की खत्म हुई जमा-पूंजी, डायलिसिस पर जिंदा मुकेश ने अब प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

Mukesh Damke: मामला निसरपुर विकासखंड के निम्बोल गांव का है, जहां दोनों किडनी खराब होने के चलते मुकेश दामके पिछले कई वर्षों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा हैा. बताया जाता है कि कभी इंदौर तो कभी गुजरात के अस्पतालों में डायलिसिस के सहारे जिंदगी काट रहे मुकेश दामके का किडनी के इलाज में पुश्तैनी जमीन-जायदाद तक बिक चुका है.

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SUFFERING WITH KIDNEY FAILURE MUKESH DAMKE LOOSES HIS ALL SAVINGS

Both Kidney Failure: मध्य प्रदेश के धार जिले में किडनी फेलर के शिकार और डायलिसिस पर जिंदा एक युवक ने इलाज में मदद के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से गुहार लगा रहा है. दिन कई बार डायलिसिस करवाते-करवाते घर की पूरी जमा-पूंजी गंवा चुके पीड़ित मुकेश दामके ने इलाज खर्च के लिए मदद की गुहार की है, क्योंकि घातक बीमारी में मुकेश अपनी दोनों किडनी गंवा चुका है.

मामला निसरपुर विकासखंड के निम्बोल गांव का है, जहां दोनों किडनी खराब होने के चलते मुकेश दामके पिछले कई वर्षों से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा हैा. बताया जाता है कि कभी इंदौर तो कभी गुजरात के अस्पतालों में डायलिसिस के सहारे जिंदगी काट रहे मुकेश दामके का किडनी के इलाज में पुश्तैनी जमीन-जायदाद तक बिक चुका है.

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बीमारी में सब कुछ गंवा चुके मुकेश को इलाज के लिए पैसे जुटाने में जुटे

रिपोर्ट के मुताबिक किडनी की बीमारी से अपना सब कुछ गंवा चुके मुकेश को इलाज के लिए पैसे जुटाने पड़ रहे हैं. मुकेश कहते हैं कि, इस बीमारी ने उनका सब कुछ छीन लिया है, इलाज ही नहीं, रोटी खाने के लिए अब उनके पास एक फूटी कौड़ी तक नहीं बची. उन्होंने मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि इलाज करवा सके और दो वक्त की रोटी खा सकें.

बात करते हुए भर आईं पीड़ित मुकेश दामके की मां रामी बाई की आंखें

किडनी फेयर के शिकार मुकेश दामके की मां रामी बाई की आंखें मीडिया से बात करते हुए भर आईं. आंखों से आंसुओं को पोछते हुए रामी बाई ने कहा कि बेटे के इलाज में परिवार की सारी बचत खत्म हो गई, अब मुकेश की जिंदगी और मौत सरकार के हाथ में हैं. पीड़ित मां ने आगे कहा, हमारे पास अब कुछ नहीं बचा, सरकार से विनती है कि बेटे का इलाज करवाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बेटे के इलाज में मदद जरूर करेगी.

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बकौल मुकेश दामके, मैं हफ्ते में कई बार डायलिसिस करवाता हूं. किडनी फेलर की बीमारी डायगनोज होने के बाद बीमारी की इलाज में उसकी पूरी जमा-पूंजी खत्म हो गई है. मैेंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार की है, ताकि मैं बीमारी से लड़कर जिंदा रह सकूं और अपना और अपने परिवार की जिम्मेदारी को संभाल सकूं.

'पति की बीमारी के कारण उनके बेटे को पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करनी पड़ रही है'

गौरतलब है पति की बीमारी से लाचार मजदूरी करके परिवार चलाने वाली पीड़ित मुकेश की पत्नी कहती हैं कि यदि मजदूरी न करें तो घर कैसे चलेगा और कैसे पति की बीमारी का इलाज होगा. पीड़ित पत्नी ने बताया कि पति की बीमारी के कारण उनके बेटे को पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करनी पड़ रही है. मुकेश की पत्नी किरण ने कहा कि सरकार कुछ आर्थिक सहायता दे दे, ताकि हम इलाज जारी रख सकें, बच्चे फिर से स्कूल जा सकें.

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