छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ धमतरी में भी रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है. बीते दो दिनों की बारिश से जिले के चारों प्रमुख बांधों का जलस्तर काफी बढ़ गया है और वे पूरी तरह लबालब हो चुके हैं. स्थिति यह है कि चारों बांध अपनी क्षमता के करीब और खतरे के निशान के पास पहुंच गए हैं. बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है.
बारिश के कारण धमतरी के चार प्रमुख बांध- गंगरेल, मुरूमसिल्ली, दुधावा और सोंढुर अपनी कुल क्षमता के मुहाने पर हैं. सबसे खास बात यह है कि एशिया का इकलौता और अनोखा 'साइफन डैम' (मुरूमसिल्ली बांध) जलस्तर बढ़ते ही ऑटोमैटिक खुल गया है. दो दिनों की बारिश के बाद साइफन के अपने आप खुलने से यहां का नजारा बेहद खूबसूरत और आकर्षक दिखाई दिया. अब यहां लोगों की भीड़ लग रही है.
बांधों में जलस्तर की स्थिति
- मुरूमसिल्ली बांध: इसकी कुल क्षमता 5.538 TMC है. इसमें फिलहाल 5.65 TMC (लगभग 98%) पानी भर चुका है.
- गंगरेल (रविशंकर) जलाशय: इसकी कुल क्षमता 32 TMC है. इसमें 29 TMC से अधिक पानी आ चुका है, यानी बांध 90% तक भर गया है.
- दुधावा बांध: इसकी क्षमता 10.192 TMC है, जिसमें से 8.24 TMC (लगभग 82%) पानी भर चुका है.
- सोंढुर बांध: यह भी पूरी तरह भरने की कगार पर पहुंच गया है.
लोगों को किया जा रहा सतर्क
बांधों में पानी की तेजी से हो रही आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. बांधों के निचले और तटीय इलाकों में बसे गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है. साथ ही निचले इलाकों के निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है. प्रशासन की टीम पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नगर सेना के गोताखोरों की टीम को भी तैनात रखा गया है.
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