दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनावी सरगर्मियां अब चरम पर पहुंचती नजर आ रही हैं. बीजेपी की ओर से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम पर नामांकन पत्र खरीदे जाने के बाद उनकी उम्मीदवारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. वहीं कांग्रेस अब तक अपने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम फैसला नहीं कर सकी है और दिल्ली में लगातार मंथन का दौर जारी है. दूसरी ओर आजाद समाज पार्टी ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर चुनावी मैदान में बढ़त बनाने की कोशिश की है.
नरोत्तम मिश्रा के नाम पर खरीदा नामांकन पत्र
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है. नामांकन के तीसरे दिन भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम पर नामांकन पत्र खरीदा गया. हालांकि पार्टी ने अभी उनके नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन इसे उनकी मजबूत दावेदारी के तौर पर देखा जा रहा है.
कांग्रेस में प्रत्याशी चयन को लेकर मंथन
कांग्रेस भी उम्मीदवार के चयन को लेकर मंथन में जुटी हुई है. संभावित उम्मीदवार अवधेश नायक के नाम पर नामांकन पत्र खरीदा गया है, लेकिन पार्टी ने अब तक अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया है. सूत्रों के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि राजेंद्र भारती का परिवार चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है, जिसके बाद अवधेश नायक और घनश्याम सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.
कांग्रेस का फोकस संगठन पर
प्रवक्ता विक्रम चौधरी का कहना है कि यह चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरी पार्टी का चुनाव है. पार्टी संगठन के दम पर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति बना रही है. इसी वजह से उम्मीदवार चयन में सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है ताकि उपचुनाव में मजबूत मुकाबला पेश किया जा सके.
बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार कर रही
उधर बीजेपी ने भी अभी अपने उम्मीदवार के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है. प्रवक्ता बीजेपी वाणी आहलुवालिया का कहना है कि प्रत्याशी को लेकर निर्णय केंद्रीय नेतृत्व करेगा. हालांकि डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाम पर नामांकन पत्र खरीदे जाने को उनके चुनाव लड़ने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है. मिश्रा दतिया से कई बार विधायक रह चुके हैं और मध्य प्रदेश सरकार में गृह मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं.
प्रतिष्ठा का मुकाबला बन सकता है उपचुनाव
साल 2023 के विधानसभा चुनाव में डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में यदि वह इस उपचुनाव में मैदान में उतरते हैं तो इसे उनकी राजनीतिक वापसी और बीजेपी की प्रतिष्ठा से जुड़ी लड़ाई माना जाएगा. यही कारण है कि पूरे प्रदेश की नजर दतिया सीट पर टिकी हुई है.
आजाद समाज पार्टी ने बढ़ाई सक्रियता
इस बीच आजाद समाज पार्टी ने दामोदर यादव को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया है. पार्टी के केंद्रीय प्रभारी और पूर्व विधायक एम.एल. तोमर दतिया पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की. दामोदर यादव ने 9 जुलाई को दोपहर 12 बजे नामांकन दाखिल करने का ऐलान किया है.
मुकाबला बन सकता है बहुकोणीय
नामांकन प्रक्रिया के दौरान अब तक कुल नौ संभावित उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं. इससे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार दतिया का चुनावी मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है. हालांकि चुनाव की वास्तविक तस्वीर तब साफ होगी जब भाजपा और कांग्रेस अपने अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा कर देंगी.
अगले कुछ दिन होंगे निर्णायक
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 13 जुलाई तय की गई है. ऐसे में आने वाले कुछ दिन राजनीतिक दलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं. प्रत्याशियों के नाम सामने आने के बाद चुनावी मुकाबला और तेज होने की संभावना है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजर बनी हुई है.