‘बागेश्वर बाबा और प्रदीप मिश्रा अनपढ़ और गंवार’- बहुजन एकता महाआंदोलन में दामोदर यादव के बिगड़े बोल

हरदा के नेहरू स्टेडियम में बहुजन एकता महाआंदोलन के दौरान दामोदर यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा पर विवादित टिप्पणियां कीं. ‘आरक्षण बचाओ, संविधान बचाओ’ संदेश के बीच 9 जून को बड़े आंदोलन का एलान भी हुआ.

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Bageshwar Baba-Pradeep Mishra Controversy: मध्य प्रदेश के हरदा जिले में आयोजित बहुजन एकता महाआंदोलन के दौरान मंच से तीखे बयान सामने आए. नेहरू स्टेडियम में हुई इस बड़ी जनसभा में दामोदर यादव ने आरक्षण और संविधान बचाने का आह्वान करते हुए बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा पर विवादित टिप्पणियां कीं. उनके इन बयानों के बाद समर्थकों‑विरोधियों के बीच बहस तेज हो गई और सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर गर्माहट दिखी.

नेहरू स्टेडियम में उमड़ी भीड़ 

दरअसल, हरदा के नेहरू स्टेडियम में रविवार को एससी‑एसटी‑ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तहत महाआंदोलन आयोजित किया गया. बड़ी संख्या में लोग जुटे. आयोजन का मुख्य लक्ष्य था कि ‘आरक्षण बचाओ, संविधान बचाओ' का संदेश देना और आरक्षण समाप्त करने की चर्चाओं का विरोध करना.

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दामोदर यादव का बयान 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव ने कहा कि यह आंदोलन, पहले करणी सेना के आंदोलनों के जवाब में है. उन्होंने चेतावनी दी कि बहुजन समाज अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है. यादव ने 9 जून को हरदा में बड़े आंदोलन का एलान किया और कहा कि वहीं पर आगे की राजनीतिक रणनीति और 2028 विधानसभा चुनाव की रूपरेखा तय होगी. उन्होंने ‘नीली और पीली क्रांति' के जरिए जिले की दोनों विधानसभा सीटें जीतने का दावा किया.

धार्मिक कथावाचकों पर विवादित टिप्पणी

अपने संबोधन में यादव ने बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री और कुबेरेश्वर धाम के पंडित प्रदीप मिश्रा को लेकर आपत्तिजनक शब्द कहे. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को “अनपढ़ और गंवार” बताया और प्रदीप मिश्रा के उन दावों पर सवाल उठाए जिनमें बेलपत्र चढ़ाने से परीक्षा पास होने जैसी बातें कही जाती हैं. यादव ने दोनों को “पाखंडी और आडंबरी” भी करार दिया. इन बयानों के बाद समर्थकों में नाराज़गी देखी जा रही है और सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है. फिलहाल, धीरेंद्र शास्त्री और पंडित प्रदीप मिश्रा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

करणी सेना और स्थानीय राजनीति पर निशाना

यादव ने कहा कि आरक्षण खत्म करने की बात करने वालों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. उन्होंने स्थानीय विधायक डॉ. आरके दोगने का भी नाम लेते हुए कहा कि यदि वे बहुजन समाज के साथ खड़े होते हैं तो उनकी राजनीतिक ताकत बढ़ेगी, वरना उनका अस्तित्व कमजोर पड़ सकता है.