14.44 करोड़ रुपये से 2023 में बनाई गई थी जो सड़क, ढाई साल में ही चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट

Corruption News: ग्रामीण विकास को गति देने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की एक और सड़क अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. सुल्तानगंज से सुनवाहा सहजपुरी तक बनी सड़क आजीविका नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं का रास्ता बन चुकी है.

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Corruption in Road Construction: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रायसेन (Raisen) जिले की सिलवानी विधानसभा में महज 23 किलोमीटर लंबी सड़क लगभग 14 करोड़ 44 लाख 55 हजार रुपयों से 2023 में बनाई गई थी, लेकिन, मात्र ढाई साल में ही यह सड़क गायब हो गई . इस सड़क का निर्माण MP29713 पैकेज के तहत सुल्तानगंज से सहजपुरी तक 23 किलोमीटर तक किया गया था, लेकिन ढाई साल में ही ये सड़क गड्डों में तबदील हो गई, जो अब सिर्फ दुर्घटनाओं को दावत दे रही है.

ग्रामीण विकास को गति देने के लिए बनाई गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की एक और सड़क अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. सुल्तानगंज से सुनवाहा सहजपुरी तक बनी सड़क आजीविका नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं का रास्ता बन चुकी है. 23 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण पैकेज क्रमांक MP29713 के तहत किया गया था, जिसकी लागत लगभग चौदह करोड़ चौवालीस लाख पचपन हजार रुपये बताई गई है. काम अगस्त 2021 में शुरू होकर फरवरी 2023 में पूर्ण घोषित किया गया. निर्माण की जिम्मेदारी ठेकेदार संतोष राय जेसीबी बेगमगंज को सौंपी गई थी, जबकि क्रियान्वयन मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण एजेंसी रही.

लोगों की बढ़ी चिंता

ग्रामीणों का आरोप है कि घटिया सामग्री से बनी सड़क कुछ ही समय में उखड़ने लगी. जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनमें गिरकर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. यह मार्ग करीब पचास गांवों को जोड़ता है. लिहाजा, अब लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं. सुल्तानगंज नगर में नालियों का निर्माण न होने से गंदा पानी भी सड़क पर बह रहा है, जिससे हालात और बदतर हो गए हैं.

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ग्रामीणों ने विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है. यह योजना भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है, लेकिन करोड़ों खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई और सड़क का पुनर्निर्माण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे. वहीं, इस पूरे मामले पर रायसेन के प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग के महाप्रबंधक आरएस तिवारी ने कहा कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. 

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