भारत-अमेरिका डील पर जारी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में किसानों के मुद्दों को लेकर राजधानी भोपाल आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में आयोजित किसान महा चौपाल में शामिल होंगे. कांग्रेस इस समझौते को किसान हितों के खिलाफ बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन बनाने की तैयारी में है.
प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे और किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय मंच पर उठाया जाएगा. किसान महा चौपाल को लेकर कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी मंगलवार दोपहर दिल्ली से भोपाल पहुंचेंगे और सीधे किसान महा चौपाल में शामिल होंगे. इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक राहुल गांधी किसानों से सीधे संवाद करेंगे.
भारत-अमेरिका डील पर घमासान: राहुल गांधी खड़गे आज सरकार पर बोलेंगे बड़ा हमला
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर आक्रामक है कांग्रेस
कांग्रेस का आरोप है कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान हो सकता है. पार्टी नेताओं का कहना है कि सस्ते विदेशी कृषि उत्पादों के आयात से सोयाबीन, कपास और मक्का जैसे फसलों के दाम प्रभावित होंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह समझौता अमेरिकी दबाव में किया गया है और इसका सीधा असर मध्य प्रदेश सहित देश के किसानों पर पड़ेगा. कांग्रेस इसे “किसान विरोधी समझौता” बताते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन छेड़ने की तैयारी में है.
लाखों किसानों की मौजूदगी का दावा
कांग्रेस नेताओं के अनुसार भोपाल के जवाहर चौक स्थित अटल पथ पर आयोजित किसान महा चौपाल में प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान पहुंचेंगे. आयोजन स्थल पर बड़े डोम, विशाल मंच और सैकड़ों नेताओं की बैठने की व्यवस्था की गई है. पार्टी का कहना है कि यह कार्यक्रम केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों की समस्याओं और कृषि नीति पर राष्ट्रीय बहस की शुरुआत होगी.
किसानों से सीधा संवाद बनेगा राजनीतिक संदेश
कांग्रेस इस आयोजन को आगामी राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है. पार्टी का उद्देश्य किसानों के मुद्दों को केंद्र में लाकर राज्यों में अभियान चलाना है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और बिहार जैसे राज्यों में किसान संवाद अभियान आगे बढ़ाया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भोपाल की किसान महा चौपाल आगामी किसान आंदोलन और चुनावी राजनीति दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकती है.
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जहां कांग्रेस इस व्यापार समझौते को किसानों के भविष्य के लिए खतरा बता रही है. वहीं, भाजपा सरकार इसे आर्थिक अवसर और वैश्विक व्यापार विस्तार का कदम मान रही है. ऐसे में भोपाल की यह सभा केवल किसान संवाद नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश देने वाला मंच भी बन गई है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि किसान महा चौपाल से कांग्रेस किस तरह देशव्यापी आंदोलन की दिशा तय करती है.
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