पानी से मौतों के बीच कलेक्टर और मेयर के RSS दफ्तर पहुंचने पर विवाद, कांग्रेस हमलावर

Indore Collector and Mayor RSS Office Meeting: इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा और मेयर पुष्यमित्र भार्गव के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय में जाने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह प्रशासनिक निष्पक्षता का उल्लंघन है और अधिकारी अब सरकार की जगह RSS के लिए काम कर रहे हैं.

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मध्य प्रदेश की राजनीति में अब घमासान मच गया है, क्योंकि इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा और मेयर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार देर रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के ऑफिस पहुंचे थे. इसके बाद विपक्षी पार्टियां हमलावर हो गई हैं. सूत्रों के अनुसार, रामबाग में खुले आरएसएस के नए कार्यालय सुदर्शन में बैठक हुई थी, जिसमें भागीरथपुरा के घटनाक्रम को लेकर डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई. यह तब हुआ, जब इंदौर दूषित पानी से जूझ रहा है और कई लोगों की मौत तक हो चुकी है. अब कांग्रेस के एमपी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार और मेयर के साथ कलेक्टर पर हमला बोला है.

आरएसएस कार्यालय में संघ के कई पदाधिकारी भी चर्चा में मौजूद थे. सूत्रों के अनुसार, मालवा के आरएसएस प्रांत प्रचारक राजमोहन ने बंद कमरे में सिर्फ कलेक्टर और मेयर के साथ एक घंटे तक बैठक की. 

मेयर को लगी फटकार

सूत्रों के अनुसार, आरएसएस कार्यालय में हुई बैठक में मेयर को संकट से निपटने के तरीकों पर फटकार लगी. उन्होंने कहा कि इस बात पर जोर दिया गया कि अधिकारियों को चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ तालमेल बिठाकर काम करना चाहिए. मेयर सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे, लेकिन अपनी निजी कार से लौट गए थे. मीडिया में उन्होंने बताया कि वह ऑफिस जाते रहते हैं, आज का कार्यक्रम भी स्वाभाविक है.

उधर, कांग्रेस का कहना है कि वह इस दौरे को लेकर कलेक्टर शिवम वर्मा के खिलाफ कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) में शिकायत दर्ज कराएगी, जिसमें प्रशासनिक निष्पक्षता के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है.

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कलेक्टर RSS दफ्तर में पानी भर रहे- पटवारी

जीतू पटवारी शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "इंदौर में दूषित पानी से 20 लोगों की मौत हो गई और उसके बाद ‘अहंकारी अपराधी कैलाश विजयवर्गीय' ने जिस तरह अपने अहंकार और लापरवाही का परिचय दिया है, वह पूरा देश देख रहा है. इंदौर के प्रभारी मंत्री मोहन यादव भी केवल एक बार इंदौर आकर रील बनाकर चले गए. भाजपा नेताओं की इंदौर के पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी मर चुकी है."

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जीतू पटवारी ने आगे कहा कि जब इंदौर में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई, तब इंदौर के कलेक्टर RSS के कार्यालय में जाकर पानी भर रहे थे. क्या इंदौर के अधिकारी अब सरकार की जगह RSS के लिए काम करेंगे?

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इस दौरे को "प्रशासनिक निष्पक्षता की घोर अनदेखी" बताते हुए पटवारी ने कहा, "क्या अब प्रशासन जनता के बजाय RSS के प्रति जवाबदेह है? क्या संवैधानिक अधिकारी अब सत्ताधारी पार्टी से जुड़े संगठन से बंद दरवाजों के पीछे निर्देश ले रहे हैं?"

भाजपा ने क्या कहा?

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस नेता की आलोचना को खारिज करते हुए BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि RSS ऑफिस जाने में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है. उन्होंने कहा कि RSS ऑफिस में वही लोग जाते हैं जो राष्ट्र सेवा में विश्वास करते हैं और "भारत माता की जय" का नारा लगाते हैं. "RSS सिर्फ देश और उसके झंडे की परवाह करता है. अगर कोई कलेक्टर, SP, नेता या नागरिक संघ के दफ्तर जाता है तो किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. कांग्रेस नेताओं को भी जाना चाहिए. उन्हें कौन रोक रहा है?"