पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के विवादित बयान पर कांग्रेस और भाजपा की प्रतिक्रिया आई है. कांग्रेस ने प्रजापति के बयान को आपत्तिजनक बताया है. उधर, भाजपा का कहना है कि आरडी प्रजापति ने बेहद निम्न स्तर की टिप्पणी कर अपनी विकृत मानसिकता का परिचय दिया है. जिस प्रकार उन्होंने महिलाओं और पत्नी को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, वह शर्मनाक और निंदनीय है. ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अधिकार नहीं है.
जीतू पटवारी और पीसी शर्मा.
...तो नेतागिरी धरी रह जाएगी
कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार को कहा कि आरडी प्रजापति का बयान आपत्तिजनक है. महिलाएं दुर्गा-सरस्वती का रूप होती हैं, उनके बारे में ऐसी टिप्पणी करना गलत है. ऊपर से अभी गुप्त नवरात्र भी चल रहे हैं. अगर उन्होंने श्राप दे दिया तो आडी प्रजापति की सारी नेतागिरी धरी रह जाएगी. इनके अलावा, कथावाचकों को लेकर की गई टिप्पणी को भी गलत बताया.
कैबिनेट मंत्री सारंग बोले- मर्यादा को तार-तार तिया
कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, "इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है. विपक्ष के नेताओं के संस्कार पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं. सपा के हसन, कांग्रेस के बरैया और अब प्रजापति का बयान सामने आया है. यह बयान इस समाज की मर्यादा को तार-तार करवाता है. महिलाओं का असम्मान करना, कथावाचक और संतों के बारे में ऐसी बातें करना, इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं है. उसके बावजूद पार्टी उनपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.
अगर पार्टी कार्रवाई नहीं करती है तो इसे उनका ऑफिशियल बयान माना जाएगा.
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा
भाजपा ने की एफआईआर की मांग
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता नेहा बग्गा ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आरडी प्रजापति ने बेहद निम्न स्तर की टिप्पणी कर अपनी विकृत मानसिकता का परिचय दिया है. जिस तरह उन्होंने महिलाओं और पत्नी को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, वह शर्मनाक और निंदनीय है. ऐसे लोगों को सार्वजनिक जीवन में रहने का कोई अधिकार नहीं है. नेहा बग्गा ने कहा कि आरडी प्रजापति की भाषा भारतीय समाज और पारिवारिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है.
कथावाचकों और सनातन परंपरा से जुड़े लोगों को लेकर की गई टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है. उन्होंने मांग की कि आरडी प्रजापति के बयान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, ताकि समाज में आपसी द्वेष और भेदभाव फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.
क्या दिया था आरडी प्रजापति ने बयान
भोपाल में OBC-SC-ST महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों, महिलाओं और संतों पर अमर्यादित टिप्पणी की थी. कथावाचकों के लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि “ऐसे कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाना चाहिए.” इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिस पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में भी असहजता देखी गई. प्रजापति ने यहीं नहीं उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर भी विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें “अंधाचार्य” कह दिया. उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्ध आचार्य पर भी तीखा हमला बोला.