एमपी में यहां पट्टा और पीएम आवास के नाम पर चल रही थी घूसखोरी, EOW ने CMO को रंगे हाथों पकड़ा

EOW Raid In Chhatarpur: बकस्वाहा निवासी हरिओम अहिरवार ने EOW सागर में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि नगर परिषद में लंबित आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति के लिए 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है. शुरुआती जांच में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर EOW ने ट्रैप की योजना बनाई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Corruption News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) जिले के बकस्वाहा नगर परिषद से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) सागर की टीम ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) नेहा शर्मा और उपयंत्री शोभित मिश्रा को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. दोनों अधिकारियों पर आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति के बदले पैसे मांगने का आरोप है.

दरअसल, बकस्वाहा निवासी हरिओम अहिरवार ने EOW सागर में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि नगर परिषद में लंबित आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति के लिए 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है. शुरुआती जांच में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर EOW ने ट्रैप की योजना बनाई.

जाल बिछाकर भ्रष्टों को किया ट्रैप

इसके बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने निर्धारित योजना के तहत आवेदक को राशि लेकर भेजा गया. बताया जा रहा है कि CMO ने सीधे पैसे लेने के बजाय उपयंत्री शोभित मिश्रा के माध्यम से रकम दिलवाई. जैसे ही उपयंत्री ने राशि स्वीकार की, EOW टीम ने मौके पर दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया. इस दौरान पंच गवाहों की मौजूदगी में हाथ धुलवाने की प्रक्रिया के दौरान रासायनिक परीक्षण में रंग निकलना शुरू हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि मानी जा रही है.

लंबे वक्त से रोक रखा था आवास से जुड़ा आवेदन

सूत्रों के मुताबिक, आवेदक का आवासीय पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ा आवेदन नगर परिषद में लंबित था. इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कथित रूप से रिश्वत मांगी गई थी. EOW ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है. आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- 'SIR दलितों-पिछड़ों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों से वोट का अधिकार छीनने की साज़िश, फॉर्म-7 के दुरुपयोग पर भड़के

ट्रैप की इस कार्रवाई में ईओडब्ल्यू सागर की टीम से उप पुलिस अधीक्षक उमा नवल आर्य, निरीक्षक प्रशांत मिश्रा, आदेश जैन, उप निरीक्षक श्रीमती सोनल पाण्डेय, प्रधान आरक्षक आसिफ खान, रामसजीवन यादव, राकेश बेन, चालक प्रधान आरक्षक अफसर अली, आरक्षक गोविंद अवस्थी, अंकित मिश्रा, आकाश दीक्षित व महिला आरक्षक स्वाति दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही. 

यह भी पढ़ें- सूदखोर का कारनामा: 1.60 लाख के बदले 22 लाख चुकाने का बना रहा था दबाव, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Advertisement

Topics mentioned in this article