चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री केस में बड़ा फैसला: कोर्ट ने 16 करोड़ की संपत्ति फ्रिज करने के दिए आदेश

चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में बड़ा फैसला सामने आया है. मुंबई स्थित SAFEMA कोर्ट ने मुख्य आरोपी दिलावर खान समेत चार लोगों की करीब 16 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रिज करने के आदेश दिए हैं. इस केस में अब तक 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति अटैच की जा चुकी है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Chikalana MD Drug Factory Case: नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. इस हाई-प्रोफाइल केस में मुंबई स्थित सफेमा (SAFEMA) न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी दिलावर खान समेत चार आरोपियों की करीब 16 करोड़ 15 लाख रुपये की संपत्ति फ्रिज करने के आदेश दिए हैं. इस फैसले को मादक पदार्थों के अवैध नेटवर्क पर अब तक की सबसे प्रभावी चोटों में से एक माना जा रहा है.

अब तक 30 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच

इस आदेश के साथ ही चिकलाना एमडी ड्रग फैक्ट्री मामले में अब तक कुल करीब 30 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रदेश में ड्रग माफिया के खिलाफ की गई सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाइयों में शामिल है, जिससे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है.

Advertisement

मुख्य आरोपी और उसका पूरा परिवार जांच के घेरे में

इस मामले में पुलिस ने जावरा निवासी दिलावर खान को मुख्य आरोपी बनाया है. उसके साथ उसके बेटे अनार, भांजे इमरान और बहन मुमताज को भी आरोपी बनाया गया है. 16 जनवरी को इस एमडी ड्रग फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद से पुलिस लगातार आरोपियों के आर्थिक लेन-देन और संपत्ति की गहन जांच कर रही थी.

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों की करीब 55.70 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों का विस्तृत विवरण तैयार कर सफेमा न्यायालय, मुंबई के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. न्यायालय ने प्रथम चरण में इनमें से 16.15 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रिज करने के आदेश दिए हैं.

कृषि भूमि, प्लॉट और मकान शामिल

फ्रिज की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, कीमती प्लॉट और आवासीय मकान शामिल हैं. जांच में यह साफ हुआ है कि इन संपत्तियों के लिए कोई वैध आय का स्रोत नहीं दिखाया जा सका. पुलिस का मानना है कि यह सारी संपत्ति मादक पदार्थों के अवैध निर्माण और तस्करी से अर्जित की गई है.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी काफी समय से एमडी ड्रग के निर्माण और तस्करी से जुड़े हुए थे. इसी गैरकानूनी धंधे के जरिए उन्होंने बड़ी मात्रा में दौलत इकट्ठा की. पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित और सुनियोजित ड्रग नेटवर्क था, जिसकी जड़ें कई जगहों तक फैली हुई हैं.

Advertisement

ड्रग माफिया के खिलाफ पुलिस का बड़ा प्रहार

एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में रतलाम पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को संगठित ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनकी संपत्तियों की भी जानकारी जुटा रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी संपत्तियों को जब्त किया जा सकता है. उद्देश्य सिर्फ आरोपियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि नशे के पूरे नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है.