Chhath Puja 2025: लोक आस्था का महापर्व; छठ की तैयारियां शुरू, भोपाल के इस इलाके में बन रहे हैं 51 कुंड

Chhath Puja: छठ महापर्व न केवल देश के विभिन्न हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है, बल्कि अब यह वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है. छठ पूजा एक ऐसा पावन पर्व है, जो दिवाली के बाद आता है. सूर्यदेव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष है. इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं. छठ पूजा को न सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है, बल्कि दुनिया भर में छटा देखने को मिलती है.

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Chhath Puja 2025: लोक आस्था का महापर्व; छठ की तैयारियां शुरू, भोपाल के इस इलाके में बन रहे हैं 51 कुंड

Chhath Puja 2025: मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक ली. उन्होंने बताया कि गोविंदपुरा क्षेत्र में लगभग 51 स्थानों पर कुंडों का निर्माण कर कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. त्यौहार हमारे देश को एकता के सूत्र में बांधते हैं. छठ पर्व में भगवान सूर्य की चार दिवसीय आराधना अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ की जाती है. यह पूरे देश का लोक आस्था का महापर्व बन गया है.

ये सुविधाएं मिलेंगी

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि इस पर्व को मनाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों इसका विशेष ध्यान रखा जाए. उन्होंने कहा कि हथाईखेड़ा डेम, सरियो सरोवर डेम और शिवनगर स्थित दुर्गा मंदिर कुंड जैसे प्रमुख स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं. ऐसे में कुंडों की मरम्मत, बिजली व्यवस्था, साज-सज्जा, रंग-रोगन, जलभराव, चेंजिंग रूम, लाइटिंग, चलित शौचालय, पेयजल टैंकर, महिला पुलिस बल, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस, पेड़ों की छटाई और घास की कटाई जैसी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कर लिए जाएं.

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छठ महापर्व ग्लोबल फेस्टिवल, यूनेस्को की सूची में शामिल कराने का प्रयास

यह पर्व न केवल देश के विभिन्न हिस्सों में उत्साह के साथ मनाया जाता है, बल्कि अब यह वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है. छठ पूजा एक ऐसा पावन पर्व है, जो दिवाली के बाद आता है. सूर्यदेव को समर्पित यह महापर्व बहुत ही विशेष है. इसमें हम डूबते सूर्य को भी अर्घ्य देते हैं, उनकी आराधना करते हैं. छठ पूजा को न सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों में मनाया जाता है, बल्कि दुनिया भर में छटा देखने को मिलती है. आज ये एक ग्लोबल फेस्टिवल बन रहा है.

भारत सरकार भी छठ पूजा से जुड़ा एक बड़ा प्रयास कर रही है. भारत सरकार छठ महापर्व को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल करने की कोशिश कर रही है. जब छठ पूजा यूनेस्को की सूची में शामिल हो जाएगी, तो दुनिया के हर कोने के लोग इसकी भव्यता और दिव्यता का अनुभव कर सकेंगे.

दिवाली और छठ पूजा के लिए 12,000 से अधिक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी

केंद्र सरकार ने कहा है कि दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे 12,000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेन चलाएगा. 13 से 26 अक्टूबर के बीच आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों और 17 नवंबर से 1 दिसंबर के बीच वापसी यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वापसी टिकटों पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी.

प्राचीन लोक परंपराओं में निहित गहन आध्यात्मिक छठ पूजा साल में दो बार आती है और बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के मिथिला क्षेत्र में मनाई जाती है. यह त्योहार सूर्य (सूर्य देव) और छठी मैया की पूजा के लिए मनाया जाता है, जिसे चार दिनों तक विस्तृत अनुष्ठानों के माध्यम से मनाया जाता है जो शुद्धिकरण, कृतज्ञता और अटूट भक्ति का प्रतीक हैं.

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