Captain Shambhavi Pathak funeral : बारामती विमान हादसे (Baramati Plane Crash) में जान गंवाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक का अंतिम संस्कार दिल्ली में होगा. ग्वालियर में रहने वाली करीब 90 साल की उनकी दादी गुरुवार सुबह अपनी पोती को आखिरी दुलार करने के लिए रिश्तेदारों के साथ दिल्ली रवाना हुईं. करीब 360 किलोमीटर का सफर तय कर वे वहां पहुंचीं. शांभवी ने मौत से कुछ घंटे पहले इन्हें ही आखिरी मैसेज किया था.
दरअसल, बीते बुधवार को महाराष्ट्र के बारामती में हुए प्लेन क्रेश मे उप मुख्यमंत्री अजित पवार के साथ सह पायलट शांभवी पाठक की भी जान चली गई थी. शांभवी पाठक ग्वालियर की बसंत विहार कॉलोनी की रहने वाली थीं, उनके पिता एयारफ़ोर्स के निवर्तमान ग्रुप कैप्टन विक्रम पाठक दिल्ली में रहते है जबकि ग्वालियर में शांभवी की दादी मीरा पाठक रहती हैं. हादसे से कुछ घंटे पहले उन्होंने अपनी दादी को “Hi Dadda Good Morning” मैसेज भेजा था, जिस पर दादी ने “Good Morning Cgeeni” कहकर प्यार लुटाया था. हालांकि, बताया जा रहा है कि परिवार के लोग शांभवी को 'चीनी' कहकर बुलाते थे. दादी ने गलती से मैसेज में 'Cgeeni' लिख दिया था. लेकिन, शांभवी इस मैसेज को देख नहीं पाईं थी.
घर पर लगी रिश्तेदारों की भीड़
इसके बाद कुछ घंटे बाद दादी मीरा पाठक को शांभवी की मौत की सूचना मिली तो उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए घर पर रिश्तेदार और परिचितों की भीड़ जुटने लगी तो देर रात तक जारी रही. इस बीच फैसला हुआ कि शांभवी पाठक का अंतिम संस्कार दिल्ली में ही किया जाएगा. इसके बाद सुबह बुजुर्ग दादी क़ो लेकर रिश्तेदार दिल्ली के लिए निकल गए. बताया जा रहा है कि शांभवी का अंतिम संस्कार आज शाम को किया जाएगा. अभी दिल्ली स्थित घर पर रिश्तेदारों और परिचितों की भीड़ लगी है.
ग्वालियर स्थित घर पर पसरा सन्नाटा.
दादी ने NDTV से बयां किया था दर्द
NDTV से खास बातचीत में दादी मीरा पाठक ने बताया कि पोती शांभवी उनके दिल के सबसे करीब थी. वह प्यार से मुझे दादी की बजाय ‘दादा' कहकर बुलाती थी. वह मुझे मैसेज भेजती रहती थी. 28 जनवरी की सुबह साढ़े छह बजे उसका मैसेज आया था. इसके बाद पता चला कि बारामती एयरपोर्ट के पास लैंडिंग के वक्त सुबह करीब 8.45 बजे उसका विमान हादसे का शिकार हो गया.