खून की अवैध खरीद-फरोख्त पर लगेगी लगाम! कलेक्टर पहुंचे जिला अस्पताल, ये पांच कर्मचारी सस्पेंड

Black Business Of Blood In Bhind : भिंड में खून की खरीद-फरोख्त के मामले पर लगाम लगेगी. जब ये मुद्दा मीडिया में उजागर हुआ तो भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंच गए. पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. 

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Bhind District Hospital : भिंड जिला अस्पताल में खून की खरीद-फरोख्त का खेल जल्द खत्म होगा. मीडिया में मामला आने के बाद लापरवाह चेहरे उजागर हो गए हैं. आगे की जांच जारी है. वहीं, मुद्दा को तूल पकड़ता देख भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंच गए. डीएम ने इस मामले पर जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाई है. ब्लड बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए . प्रथम दृष्टया ब्लड बैंक के पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. 

इनको किया गया सस्पेंड

दोषी ललित वर्मा (लेव अटेंडर) , सपना नरगेस, (नर्सिग ऑफिसर) ऋतु संयाम( नर्सिग स्टाफ), ऋषभ मिश्रा ( लेव टेक्नीशियन) को सस्पेंड किया गया. वहीं, अर्निका शर्मा ( डाटा ऑपरेटर) को सेवा से अलग किया गया. 

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आगे भी हो सकती है बड़ी कार्रवाई

वहीं, सिविल सर्जन डॉ आर.के. राजौरिया ने कहा- नाबालिग की बगैर जांच पड़ताल करे ब्लड निकालने के मामले में दोषी पाए गए थे. सभी कर्मचारियों की जांच जारी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी वहीं, परिजनों का आरोप है कि कर्मचारियों की लापरवाही नाबालिग की जिंदगी पर भारी पड़ गई थी.

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जानें क्या था पूरा मामला 

भिंड का जिला अस्पताल में 16 साल के नाबालिग बच्चे का ब्लड निकालकर उसकी खरीद-फरोख्त की गई थी. इसका खुलासा तब हुआ जब बच्चे की अचानक हालत बिगड़ने लगी. उसे इलाज के लिए परिजनों ने आनन-फानन में इलाज के लिए भर्ती कराया था. बच्चे की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. ये मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन और अस्पताल प्रशान तुरंत हरकत में आए. जांच कमेटी गठित की गई. वहीं, आज डीएम दौरे पर पहुंचे. कर्मचारियों पर एक्शन लिया गया.

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