भोपाल के चर्चित और संवेदनशील ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब आने वाले सात दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं. ये सात दिन सिर्फ पुलिस जांच के लिए ही नहीं, बल्कि ट्विशा के परिवार की उस लंबी लड़ाई के लिए भी निर्णायक साबित हो सकते हैं, जिसमें वे लगातार जवाब, न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने NDTV से बातचीत में कहा कि वे मौजूदा स्थिति पर ज्यादा टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन आने वाला सप्ताह इस केस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, “अगले सात दिन बहुत क्रिटिकल (गंभीर) हैं.” हर्षित ने बताया कि परिवार शुरू से ही सीबीआई (CBI) जांच की मांग कर रहा है और इस बार उन्हें उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा.
मेजर हर्षित का यह बयान उस वक्त आया है, जब ट्विशा के पति और आरोपी समर्थ सिंह को कोर्ट ने सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. लेकिन ट्विशा के परिवार के लिए अब सवाल सिर्फ रिमांड या पूछताछ का नहीं रह गया है; सवाल भरोसे का है—जांच पर भरोसा, प्रक्रिया पर भरोसा और इस बात पर भरोसा कि क्या सच बिना किसी दबाव या प्रभाव के सामने आ पाएगा.
ट्विशा के भाई का दर्द एक ही वाक्य में सामने आ गया, “मुझे नहीं पता कि अब किस पर भरोसा करूं.” मेजर हर्षित ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यह “गंभीर लापरवाही” है कि कई बार घटनाक्रम की जानकारी पुलिस से पहले मीडिया को मिल जाती है. परिवार का आरोप है कि जांच में शुरुआत से ही कई ऐसे बिंदु रहे हैं, जिन्होंने उनके मन में शक और अविश्वास को और गहरा किया है.
AIIMS भोपाल में ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम
इसी बीच इस मामले में एक और अहम पड़ाव आने वाला है. रविवार को एम्स (AIIMS) भोपाल में ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम किया जाना है. इसके लिए एम्स दिल्ली ने चार वरिष्ठ डॉक्टरों की एक मेडिकल टीम गठित की है. यह टीम आधुनिक उपकरणों के साथ राज्य सरकार के चार्टर्ड विमान से भोपाल आएगी. डॉक्टरों की टीम के रात तक भोपाल पहुंचने की संभावना है.
एम्स दिल्ली की टीम के आगमन पर मेजर हर्षित ने कहा कि फिलहाल उन्हें इसकी कोई आधिकारिक या स्पष्ट सूचना नहीं मिली है. उन्होंने कहा, “अभी तक मुझे इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं मिली है. पुष्टि मिलते ही मैं मीडिया से बात करूंगा.”
पहले पोस्टमॉर्टम पर क्यों उठ रहे सवाल?
ट्विशा के परिवार ने पहले पोस्टमॉर्टम को लेकर लगातार सवाल उठाए हैं. परिवार का आरोप है कि शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की वास्तविक लंबाई और रिपोर्ट में दर्ज लंबाई के बीच अंतर है. परिवार के मुताबिक, ट्विशा की वास्तविक लंबाई 5 फीट 7.3 इंच थी, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसे 5 फीट 7 इंच दर्ज किया गया है.
हालांकि, भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने NDTV के सवाल पर कहा कि इस अंतर का जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. उन्होंने बताया कि दूसरा पोस्टमॉर्टम एम्स भोपाल में ही किया जाएगा और इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी सामान्य प्रशासन विभाग कर रहा है. पुलिस लगातार विभाग के संपर्क में है और इस मामले में हर कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी.
ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार कहां होगा?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इस मामले में अहम निर्देश दिए थे. जस्टिस अविनेंद्र कुमार सिंह की एकलपीठ ने आदेश दिया कि ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमॉर्टम एम्स भोपाल में कराया जाए. कोर्ट ने माना कि शव की स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे दिल्ली ले जाया जा सके. हालांकि, निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट ने निर्देश दिया कि एम्स नई दिल्ली के निदेशक द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ डॉक्टर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे. वहीं, ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भोपाल में ही किए जाने की संभावना है. यह निर्णय ट्विशा के परिवार ने लिया है. यदि रविवार को दूसरा पोस्टमॉर्टम पूरा हो जाता है, तो परिवार उसी दिन भोपाल में ट्विशा का अंतिम संस्कार कर सकता है.
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