सड़क हादसे में मासूम की मौत, परिवार को मिलेगा 19.80 लाख का मुआवजा; MACT ने सुनाया फैसला

भोपाल के दिल दहला देने वाले road accident मामले में MACT ने 6 साल के मासूम की मौत पर परिवार को 19.80 लाख रुपये compensation देने का आदेश दिया है. ट्रिब्यूनल ने माना कि यह हादसा वाहन चालक की लापरवाही से हुआ. यह फैसला justice for victim family को मजबूत करता है.

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Child Accident Case India: भोपाल में दो साल पहले हुए एक दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले छह साल के मासूम के परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया. मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने परिवार को 19.80 लाख रुपये मुआवजे के रूप में देने का आदेश सुनाया है. यह फैसला उस परिवार के लिए राहत की एक किरण है, जो हादसे के बाद से लगातार न्याय की उम्मीद में बैठे थे.

कैसे हुआ था हादसा?

यह दुखद घटना उस समय हुई थी जब बच्चा अपने घर के पास सड़क पार कर रहा था. उसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे एक वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी. हादसे के बाद परिजन तुरंत उसे अस्पताल ले गए, लेकिन गंभीर चोटों के कारण वह बच नहीं सका. इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया.

परिवार ने मांगा था न्याय

हादसे के बाद परिजनों ने न्याय की उम्मीद के साथ MACT में याचिका दायर की. परिवार ने कोर्ट को प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, ताकि यह साबित किया जा सके कि हादसा वाहन चालक की लापरवाही से हुआ था.

MACT ने माना चालक की लापरवाही

सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने सभी साक्ष्यों की जांच की और पाया कि दुर्घटना वाहन चालक की लापरवाही के कारण हुई थी. इसी आधार पर MACT ने चालक और बीमा कंपनी दोनों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए 19.80 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया.

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कम उम्र में मौत- परिवार के लिए अपूरणीय क्षति

ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि छोटे बच्चे की मौत परिवार के लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी बहुत बड़ी हानि है. पैसे से इस दर्द को मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन यह सहायता परिवार को आगे के समय में सहारा दे सकती है.

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परिवार ने फैसले को बताया राहत

मुआवजे के आदेश के बाद पीड़ित परिवार ने कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया. उनका कहना है कि न्यायपालिका ने उनके दुख को समझा और उन्हें उचित मुआवजा दिलाकर न्याय दिया. परिवार को उम्मीद है कि इस फैसले से भविष्य में भी ऐसे मामलों में पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा.

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