Bhopal ED Raid: भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने प्रदेश के पूर्व स्वास्थ्य संचालक डॉ. अमरनाथ मित्तल और उनकी पत्नी अलका मित्तल के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उनकी लगभग 9.79 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच (Provisional Attachment) कर लिया है. यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है.
आय से अधिक संपत्ति का है मामला
इस कार्रवाई की जड़ें लोकायुक्त पुलिस, भोपाल द्वारा दर्ज की गई उस एफआईआर (FIR) से जुड़ी हैं, जिसमें डॉ.अमरनाथ मित्तल पर सरकारी सेवा में रहते हुए आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया गया था. ईडी ने इसी एफआईआर को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया और जांच शुरू की.जांच में सामने आया कि डॉ. मित्तल ने पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से धन जुटाया और उसे विभिन्न संपत्तियों में निवेश किया.
पत्नी के नाम पर खरीदी गई करोड़ों की जमीनें
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि डॉ. मित्तल ने काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा अपनी पत्नी अलका मित्तल के नाम पर निवेश किया था. कुर्क की गई संपत्तियों में भोपाल और रायसेन जिले के प्राइम लोकेशंस पर स्थित आवासीय प्लॉट और उपजाऊ कृषि भूमि शामिल है. इसके अलावा, जांच एजेंसी ने उनके लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन बॉन्ड्स को भी अटैच किया है, जो निवेश के जरिए पैसे को सफेद करने की कोशिश का हिस्सा माने जा रहे हैं.
भ्रष्टाचार पर ईडी का कड़ा प्रहार
जांच एजेंसी के अनुसार,डॉ.अमरनाथ मित्तल ने अपने कार्यकाल के दौरान करोड़ों की संपत्ति बनाई, जिसका हिसाब वे देने में असमर्थ रहे. ईडी अब इस मामले में अन्य संपत्तियों और बैंक खातों की भी बारीकी से जांच कर रही है. यह कार्रवाई प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के जरिए इतनी बड़ी संपत्ति खड़ी की गई थी.
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