भोपाल कमिश्नरेट की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों की लग्जरी कार ठगी का भंडाफोड़, 5 करोड़ की 40 कारें जब्त 

भोपाल कमिश्नरेट ने 5 करोड़ रुपये के लग्जरी कार ठगी रैकेट का भंडाफोड़ कर 40 कारें बरामद की हैं. ट्रैवल एजेंसियों से मिलकर MP, राजस्थान और दिल्ली में चल रहे इस गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार. पूरी खबर पढ़ें.

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भोपाल पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के लग्जरी कार ठगी रैकेट का सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की 40 लग्जरी कारें और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं. 

यह शातिर गिरोह ट्रैवल एजेंसियों से सांठगांठ कर लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था. इस अंतरराज्यीय गिरोह का नेटवर्क मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली तक फैला हुआ था. पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना शैलेश जोशी समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

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विदिशा के फरियादी की शिकायत पर खुला राज

इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब विदिशा के रहने वाले गोविंद कुशवाह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. फरियादी गोविंद ने अपनी कार बेचने के लिए आरोपी शैलेश जोशी को सौंपी थी. लेकिन आरोपी ने वाहन बेचने के बाद भी गोविंद को उसकी तय रकम नहीं दी और लगातार टालमटोल करता रहा. जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, तो उसने पुलिस की शरण ली. शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू की.

ट्रैवल एजेंसियों से साठगांठ और ठगी का तरीका

पुलिस जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया. आरोपी शैलेश जोशी अपने साथियों और कुछ नामी ट्रैवल एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलकर एक बेहद सुनियोजित गिरोह चला रहा था. यह गिरोह सीधे-साधे लोगों से उनके वाहन 'किराए पर चलाने' (रेंट पर देने) के नाम पर हासिल करता था. एक बार कारें हाथ में आने के बाद, गिरोह के सदस्य उन्हें धोखे से दूसरे राज्यों में औने-पौने दामों पर बेच देते थे. चौंकाने वाली बात यह भी है कि कई वाहन ऐसे असामाजिक तत्वों और लोगों को बेचे गए, जिनके पास वाहन चलाने के वैध दस्तावेज तक नहीं थे.

6 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश

अरेरा हिल्स पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह के छह सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम शैलेश जोशी, वहीद अली, अजय जोशी, अरुण नाथ, राजा मीणा और रेहान खान हैं. हालांकि, इस रैकेट का एक और मुख्य आरोपी विजयजीत सिंह गौर और कुछ अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. 
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई कारों की कुल कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है. पुलिस को अंदेशा है कि इस फर्जीवाड़े का नेटवर्क देश के कुछ अन्य राज्यों में भी फैला हो सकता है. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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