भोपाल की देहात पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जो मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था. गिरोह के सदस्य मंदिरों की पहले रेकी करते और फिर मौका मिलते ही मंदिर पहुंचकर पहले हाथ जोड़कर माफी मांगते और चोरी की घटना को अंजाम दे देते थे. गिरोह के सदस्य देखते ही देखते मंदिर में रखे सोने चांदी के आभूषण, मूर्तियां, छत्र, दानपेटी में रखा कैश पार कर देते. पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी.
गिरोह का सरगना 31 हजार का इनामी बदमाश दीनदयाल उर्फ दीना महाराज था. आरोपी दिन में मजदूरी करते और मौका मिलते ही चोरी की घटना को अंजाम देते.
चोरों के पास से बरामद मंदिरों से चुराया सामान.
10 थानों की पुलिस कर रही थी तलाश
दरअसल, भोपाल के बैरसिया सहित आसपास के कई जिलों में पिछले आठ-नौ महीनों से मंदिरों में चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं. करीब 10 थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी, लगातार बढ़ रही घटनाओं के बाद SIT गठित की गई. सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने भोपाल सूखी सेवनिया से 6 लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान उन्होंने 11 मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देने की घटना को स्वीकार किया.
मुख्य आरोपी मजदूरों के साथ करता यह काम
जांच में सामने आया कि गिरोह गांवों और सुनसान इलाकों के मंदिरों को निशाना बनाता था. रायसेन का रहने वाला मुख्य आरोपी दीनदयाल उर्फ दीना महाराज अपने गांव और आसपास के मजदूरों को काम के नाम पर अपने साथ लाता था. उन्हें इन वारदातों को अंजाम देने में शामिल कर लेता. वह खुद मंदिरों की रेकी करता और फिर साथियों के साथ चोरी की घटना को अंजाम देता.
चोरी करने के बाद गिरोह अशोकनगर के करीला और अन्य स्थानों पर चला जाता. वहां कुछ दिन रुककर फिर भोपाल लौटता और चोरी की घटना को अंजाम देता.
सिंचाई विभाग में ड्राइवर करता खरीदारी का काम
पुलिस ने मामले में नर्मदापुरम निवासी आनंद उर्फ इंद्र नारायण को भी गिरफ्तार किया है. आनंद सिंचाई विभाग में ड्राइवर है और चोरी का सामान खरीदकर ठिकाने लगाता था. पुलिस ने आरोपियों से 16 चांदी के छत्र, चांदी की थालियां, चांदी के नारियल, और कई सामान बरामद किया है. इनकी कीमत लगभग 4 लाख रुपये है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
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