भोपाल में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक हुई है. राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर करीब 7 करोड़ 10 लाख रुपये की सिंथेटिक ड्रग्स बरामद की है. कहानी शुरू होती है 11 अगस्त की सुबह से, जब DRI की मुंबई यूनिट को पक्की खुफिया जानकारी मिली कि दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला बड़ी मात्रा में मेथामफेटामाइन (आइस) लेकर जा रही है. नॉर्थ-ईस्ट की रहने वाली यह महिला कूरियर के रूप में काम कर रही थी. इनपुट मिलते ही भोपाल DRI यूनिट को अलर्ट किया गया.
बैग में 5 करोड़ 47 लाख का ड्रग
ट्रेन के भोपाल जंक्शन पहुंचते ही सादे कपड़ों में तैनात टीम ने चिन्हित बोगी में दबिश दी. महिला के पास मौजूद काले रंग के ट्रॉली बैग की जांच करने पर उसमें गुप्त कैविटी (फॉल्स बॉटम) बनी मिली. इसे काटने पर सफेद टेप से लिपटे 6 पैकेट बरामद हुए, जिनमें 6 किलो 325 ग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन मिला. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 5 करोड़ 47 लाख रुपये है. महिला को मौके पर ही NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया.
दिल्ली से बेंगलुरु जाने थी ड्रग
महिला से पूछताछ के बाद केस का दूसरा पहलू सामने आया. उसने बताया कि यह खेप उसे दिल्ली में सौंपी गई थी और इसे बेंगलुरु पहुंचाना था, जबकि मुख्य सप्लायर ग्रेटर नोएडा में मौजूद हैं. इस इनपुट पर DRI ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ मिलकर ग्रेटर नोएडा की एक रिहायशी सोसाइटी में छापा मारा. टीम को देखकर चार विदेशी आरोपी दूसरी मंजिल की खिड़की से कूदकर भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर दबोच लिया गया. तलाशी में उनके पास से 2 किलो 242 ग्राम क्रिस्टल मेथ, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद हुआ. पकड़े गए चारों आरोपी नाइजीरियाई नागरिक हैं. दो शहरों में चली इस संयुक्त कार्रवाई में कुल 8 किलो 617 ग्राम ड्रग्स जब्त की गई, जिसकी कुल अंतरराष्ट्रीय कीमत 7.1 करोड़ रुपये है.
अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़े तार
विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिस्टल मेथ को एमडी (MD) से भी अधिक खतरनाक माना जाता है और इसके तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल से जुड़े हैं. महज 5 दिन पहले रतलाम में भी इसी तरह की कार्रवाई हुई थी, जिससे संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश तस्करों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है.