भिंड नगर पालिका में जमकर हंगामा, विधायक और नपा अध्यक्ष के ससुर में झड़प; VIDEO करवाया डिलीट

भिंड नगर पालिका कार्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान हंगामा हो गया. बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और नपा अध्यक्ष के ससुर सुनील बाल्मीक के बीच बहस बढ़कर झड़प तक पहुंच गई, जिसके बाद सुनील बाल्मीक को बैठक से बाहर निकालने का दावा है.

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Bhind Nagar Palika Viral Video: भिंड नगर पालिका कार्यालय में विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक अचानक हंगामे में बदल गई. बैठक के दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और नगर पालिका अध्यक्ष के ससुर सुनील बाल्मीक के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते-देखते झड़प तक पहुंच गई. मौजूद लोगों के मुताबिक विवाद बढ़ने पर सुनील बाल्मीक को बैठक से बाहर कर दिया. इसी बीच, कुछ पत्रकारों ने घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोप है कि उनके मोबाइल से क्लिप डिलीट कराई गई, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया.

बैठक का मकसद: विकास कार्यों पर चर्चा

नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा, साथ ही नए कामों की स्वीकृति को लेकर यह बैठक रखी गई थी. शुरुआत में एजेंडा सामान्य रहा, लेकिन वार्डों में सड़क स्वीकृति और मल टैंक से जुड़ी शिकायतों पर बात आते ही बैठक का तापमान बढ़ गया.

सड़क स्वीकृति पर विवाद 

बैठक में वार्डों के लिए सड़क निर्माण के प्रस्ताव रखे गए थे. इसी दौरान स्वीकृति के बंटवारे को लेकर बहस छिड़ गई. सूत्रों के अनुसार, चर्चा में यह मुद्दा उठा कि कुछ छोटे वार्डों में दो-दो सड़कें स्वीकृत हैं, जबकि बड़े वार्डों में भी दो ही सड़कें मंजूर की गईं. सुनील बाल्मीक ने इसे असमान और भेदभावपूर्ण बताते हुए सवाल उठाया कि बड़े वार्डों को जरूरत के हिसाब से अधिक सड़कें क्यों नहीं मिलीं. इसी बात पर विधायक ने आपत्ति जताई और बहस तेज हो गई.

सीएमओ की सफाई के बाद बढ़ी तकरार

बैठक के दौरान नगर पालिका के सीएमओ यशवंत वर्मा ने सड़क स्वीकृति को लेकर कहा कि यह स्वीकृति “ऊपर स्तर से तय होकर” आई है. इसके बाद सुनील बाल्मीक ने फिर सवाल उठाते हुए कहा कि वार्डों से लगातार शिकायतें आ रही हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है. इसी बिंदु पर कहासुनी और बढ़ी और बात झड़प तक पहुंच गई.

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बैठक से बाहर निकाले जाने का दावा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहस के दौरान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह नाराज हो गए और सुनील बाल्मीक को बैठक से बाहर निकलने को कहा. बाहर निकाले जाने के बाद नगर पालिका परिसर में हंगामा तेज हो गया. बैठक में मौजूद पार्षदों और कर्मचारियों के बीच भी तनाव की स्थिति बन गई.

मल टैंक का उठा मुद्दा 

बैठक में मल टैंक संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए. सुनील बाल्मीक ने कहा कि वार्डों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि जहां शुल्क 1000 रुपये होना चाहिए, वहां लोगों से 1500-1500 रुपये वसूले जा रहे हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका में तय रकम तक जमा नहीं कराई जा रही और लोगों से ज्यादा पैसे लेकर मनमानी की जा रही है.

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फोन नहीं उठाते, लोग होते है परेशान 

सुनील बाल्मीक ने यह भी कहा कि मल टैंक से जुड़े प्रभारी अधिकारी और कर्मचारी फोन तक नहीं उठाते, जिससे शिकायत करने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है. वार्डों में गंदगी और मल निकासी को लेकर लोग परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे ऐसा आरोप बैठक में दोहराया गया.

विधायक के बेटे पर ठेकेदारी से जुड़े आरोप

बैठक में मल टैंक की ठेकेदारी को लेकर एक और मुद्दा उठा. आरोप लगाया गया कि इस ठेकेदारी में विधायक के बेटे की भूमिका को लेकर चर्चा है. हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई, लेकिन मामला उठते ही माहौल और ज्यादा गर्म हो गया.

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पत्रकारों के मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने का आरोप

नगर पालिका कार्यालय में हुई बहस और झड़प का वीडियो कुछ पत्रकारों ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया. आरोप है कि विधायक ने पत्रकारों के फोन से वीडियो क्लिप डिलीट करवा दी. इसके बाद पत्रकारों में नाराजगी देखी गई और परिसर में तनाव और बढ़ गया.

पहले भी विवादों में रहे हैं विधायक

बताया जा रहा है कि विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह पहले भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. स्थानीय स्तर पर उनकी छवि एक दबंग नेता के रूप में भी बताई जाती है. चर्चा है कि उनका तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के साथ भी विवाद सामने आ चुका है.

घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण 

हंगामे के बाद नगर पालिका परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा. जिस बैठक में विकास कार्यों पर चर्चा होनी थी, वह राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई. अब देखने वाली बात यह है कि सड़क स्वीकृति और मल टैंक से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और इस पूरे विवाद पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं.