Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले में बुधवार को भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने अपने जिलाध्यक्ष प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. सुबह से नगर के बड़ी माता मंदिर के पास आमसभा आयोजित की गई, जिसके बाद कार्यकर्ता जुलूस के रूप में अंबेडकर चौराहे तक पहुंचे. यहां 90 कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी.
राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप
पार्टी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बहुचर्चित अमरपाल सिंह हत्या प्रकरण में प्रमोद अहिरवार को राजनीतिक दबाव में फंसाया गया है. उनका कहना है कि पूरी एफआईआर बिना उचित जांच के दर्ज की गई है. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे. भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर जमुना भिड़े के नाम से एसडीएम मनीषा जैन को ज्ञापन सौंपा.
पार्टी नेताओं ने बताया राजनीतिक षडयंत्र
पार्टी पदाधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि घटना 18 जनवरी की है और उस दिन प्रमोद अहिरवार घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. इसके बावजूद पुलिस ने राजनीतिक दबाव में कार्रवाई की है. उन्होंने पूरे मामले को राजनीतिक षडयंत्र करार देते हुए कहा कि बिना जांच के एफआईआर दर्ज कर ली गई.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि झूठी एफआईआर से नाम नहीं हटाया गया तो पार्टी कोर्ट से जमानत कराएगी और पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना प्रभारी तक पूरे प्रशासन को पार्टी बनाकर न्यायालय में घसीटेगी.
पहले भी सौंपा गया था ज्ञापन
गौरतलब है कि इससे पहले 21 जनवरी को भी भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने पुलिस अधीक्षक रायसिंह नरवरिया को ज्ञापन सौंपकर निर्दोषों की रिहाई की मांग की थी. पार्टी का आरोप है कि हत्या की घटना में राजनीतिक रंजिश जुड़ी हुई है और पुलिस की जांच एकतरफा व पक्षपातपूर्ण है. प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई.
पुलिस अधीक्षक ने रखी जांच की स्थिति
वहीं पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया ने बताया कि 18 जनवरी को अमरपाल सिंह की हत्या के मामले में कुल सात आरोपी हैं. 19 जनवरी को दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच आरोपियों की जांच जारी है. मृतक पक्ष के आरोपों और जांच के आधार पर प्रमोद अहिरवार की गिरफ्तारी की गई है.
उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग पर सेंदरी थाना प्रभारी को जांच सौंपी गई है और एसआईटी का गठन भी किया गया है. जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि प्रमोद अहिरवार घटना स्थल पर मौजूद थे. फिलहाल 90 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देकर ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांग रखी है.