बाबा बागेश्वर को मिल रही धमकी! धीरेंद्र शास्त्री बोले- हम प्राण दे देंगे, लेकिन हिंदुओं को नीचे नहीं देखने देंगे

बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, लेकिन वे “सनातन” के लिए डटे रहेंगे. उन्होंने समर्थकों से साथ देने की अपील करते हुए “हिंदू राष्ट्र” की बात दोहराई और दिल्ली की हालिया घटना का उल्लेख कर सतर्क रहने को कहा.

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Bageshwar Dham Dhirendra Shastri Threats: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कार्यक्रम में कहा कि उन्हें धमकियां मिल रही हैं, उनके खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं, फिर भी वे “सनातन” के लिए खड़े रहेंगे. उन्होंने समर्थकों से साथ देने की अपील करते हुए कहा कि वे प्रार्थना करेंगे, लेकिन लोगों को एकजुट होना होगा. शास्त्री ने “हिंदू राष्ट्र” की बात दोहराई और हाल की दिल्ली घटना का हवाला देकर सतर्क रहने को कहा. उन्होंने कहा कि अगर समाज आज नहीं जागा, तो आगे हालात मुश्किल हो सकते हैं.

हिंदू राष्ट्र पर फिर से हुंकार

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे प्रार्थना करेंगे, लेकिन लोगों को उनके साथ खड़ा होना होगा ताकि “हिंदू राष्ट्र” का लक्ष्य पूरा हो सके. उनका कहना है कि अगर समाज आज एकजुट नहीं हुआ, तो देश के शहरों और गांवों में भी वैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं, जैसी वे अन्य देशों में देख रहे हैं.  

दिल्ली की घटना का संदर्भ

अपने संबोधन में शास्त्री ने दिल्ली की हालिया घटना का जिक्र किया. उनके मुताबिक, होली के दौरान पानी का गुब्बारा फेंके जाने की बात पर 27 साल के एक युवक की हत्या कर दी गई. इसे उन्होंने भविष्य के लिए “खतरे का संकेत” बताया और कहा कि लोग जितना सुरक्षित समझते हैं, उतना सुरक्षित नहीं हैं.  

शास्त्री ने “सांप बिस्तर के नीचे” का रूपक देकर कहा कि संकट सबके आसपास है. फर्क सिर्फ इतना है कि उन्हें वह खतरा दिख रहा है, जबकि आम लोग उसे नजरअंदाज कर रहे हैं. उनका कहना है कि जागरूक होने से ही बचाव संभव है और यह समय सोने का नहीं, सचेत रहने का है.

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धमकियां, साजिशें और उनका संकल्प

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ योजनाएं बन रही हैं, संदिग्ध लोग भेजे जा रहे हैं और धमकियां दी जा रही हैं. इसके बावजूद उनका दावा है कि वे पीछे नहीं हटेंगे. उनका संकल्प है कि “प्राण भले ही दे दें, लेकिन हिंदुओं को नीचा नहीं देखने देंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जिएंगे, सनातन के लिए जिएंगे.

भाषण के अंत में शास्त्री ने कहा कि लोगों को “बाबाओं” के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. उन्होंने यहां तक कहा कि “हमारी पूजा करवाने नहीं बैठे हैं,” हमारा उद्देश्य लोगों को हनुमान जी से जोड़ना है. उनका कहना है कि भक्त दर-दर न भटके, बल्कि सीधे ईश्वर से जुड़े यही सही रास्ता है.

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