Ram Mandir Celebration Photos: भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा की जीवंत झलक पेश करता अयोध्या पर्व और 25वीं चित्रांजलि का शुभारंभ नई दिल्ली में भव्य रूप से हुआ. राम मंदिर उद्घाटन से जुड़े देशभर के उत्सवों को तस्वीरों के माध्यम से प्रस्तुत करती यह प्रदर्शनी दर्शकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. दस दिनों तक चलने वाला यह आयोजन अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक संदर्भों के साथ सामने रखता है.
नई दिल्ली में चित्रांजलि का भव्य शुभारंभ
अयोध्या न्यास, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और चित्रांजलि समिति के संयुक्त तत्वावधान में 10 दिवसीय चित्रांजलि का आयोजन नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की कलाधिका में किया गया. पहले ही दिन बड़ी संख्या में कला प्रेमी, फोटोग्राफी के शौकीन और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोग आयोजन स्थल पर पहुंचे.
‘राम उत्सव चित्रांजलि' में देशभर की झलक
मूर्धन्य फोटो पत्रकार स्वर्गीय महेंद्र चौधरी की स्मृति में आयोजित ‘राम उत्सव चित्रांजलि' प्रदर्शनी के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 3200 से अधिक छायाचित्र प्राप्त हुए. इनमें से चयनित चित्रों को प्रदर्शनी में शामिल किया गया है. इन तस्वीरों में राम मंदिर उद्घाटन के अवसर पर देशभर में हुए उत्सव, दीपोत्सव, शोभायात्राओं और जनआस्था की अनूठी झलक देखने को मिलती है.
गणमान्य अतिथियों ने किया उद्घाटन
प्रदर्शनी का उद्घाटन संत महंत कमल नयन दास जी महाराज (मणिरामदास छावनी, अयोध्या), सुरेश भैय्याजी जोशी, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय, सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और ट्रस्टी आलोक जैन सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों ने किया.
कॉफी टेबल बुक का भी हुआ विमोचन
इस मौके पर एक विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया. सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने इसे बेहद महत्वपूर्ण और संग्रहणीय दस्तावेज बताया. उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में संकलित चित्र आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक साक्ष्य के रूप में काम करेंगे.
अयोध्या पर्व का व्यापक उद्देश्य
अयोध्या पर्व का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और परंपराओं को एक व्यापक मंच देना है. साथ ही अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उसे वैश्विक पहचान दिलाना भी इस आयोजन का अहम लक्ष्य है. कार्यक्रम के दौरान सुरेश भैय्याजी जोशी, दिया कुमारी, मनोज सिन्हा और राम बहादुर राय ने अपने विचार साझा किए. वक्ताओं ने अयोध्या के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए ऐसे आयोजनों को समय की जरूरत बताया.
चित्रांजलि के विजेताओं का सम्मान
चित्रांजलि प्रतियोगिता में कोलकाता के सोमनाथ पॉल, महाराष्ट्र के पंढरपुर से धनराज उदय काडला, मुंबई के गणेश नामदेव को सम्मानित किया गया. वहीं राम उत्सव श्रेणी में इंदौर के सोनू यादव, राजू पवार और हैदराबाद के सतीश लाल को पुरस्कार प्रदान किए गए.
गोष्ठी में ‘भविष्य की अयोध्या' पर मंथन
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक विशेष गोष्ठी में अयोध्या के समग्र विकास और भविष्य की नगर योजना पर गंभीर चर्चा हुई. “भविष्य की अयोध्या: नगर योजना” विषय पर आयोजित इस विमर्श में अयोध्या को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उसकी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने पर जोर दिया गया.
समिति सदस्यों ने किया अतिथियों का स्वागत
आयोजन के दौरान समिति के सदस्य संजीव चौधरी, धीरज पटेल, सोनू सचदेवा, मनोज श्रीवास्तव और अभिषेक यादव ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान कला, संस्कृति और विचारों का संगम देखने को मिला, जिसने अयोध्या पर्व को एक यादगार आयोजन बना दिया.