Ashish Sharma Shaheed: जनवरी में दूल्हा बनने वाले थे, शहादत से सूनी हुईं वो गल‍ियां जहां से गुजरनी थी बारात

Ashish Sharma Martyr: मध्य प्रदेश हॉक फोर्स के बहादुर निरीक्षक आशीष शर्मा राजनांदगांव के जंगल में नक्सली एनकाउंटर में शहीद हो गए. जनवरी दूल्‍हे बनने वाले आशीष शर्मा का अब 20 नवंबर 2025 को नरसिंहपुर ज‍िले के गांव बोहानी में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार  होगा. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Ashish Sharma Shaheed

Ashish Sharma Shaheed: शहीद आशीष शर्मा का पार्थिव शरीर शहादत के दूसरे द‍िन आज गुरुवार को उनके गांव पहुंचा. वे मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गांव बोहानी के रहने वाले थे. उनके अंत‍िम दर्शन करने के ल‍िए पूरा गांव उमड़ गया. पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा शवयात्रा में फूट-फूटकर रोने लगे. उधर, गांव बोहानी में 19 नवंबर को वक्‍त मातम पसर गया, जब गांव के होनहार बेटे आशीष शर्मा के नक्सली मुठभेड़ में शहीद होने की खबर पहुंची. गांव की गल‍ियां सूनी हो गईं और बाजारों में सन्‍नाटा पसर गया. 

aashish sharma shaheed
Photo Credit: @kscChouhan

ये भी पढ़ें- Naxal Encounter: नक्सलियों का हॉक फोर्स पर घात लगाकर हमला, दो बार वीरता पदक पा चुका जवान हुआ शहीद

19 नवंबर 2025 की सुबह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के जंगलों में पेट्रोलिंग के दौरान मध्य प्रदेश हॉक फोर्स के निरीक्षक आशीष शर्मा नक्सलियों की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए. गोली उनके कंधे और जांघ में लगी. उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर स्थिति के चलते डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके.  

ये भी पढ़ें- शहीद आशीष शर्मा: इनके हाथों हुए वो एनकाउंटर, जिनकी हॉक फोर्स वाले आज भी करते हैं पढ़ाई, जल्‍द होनी थी शादी?

Advertisement

Ashish Sharma Shaheed

शहीद आशीष शर्मा का परिवार

आशीष शर्मा के पिता देवेंद्र शर्मा किसान हैं और मां का नाम शर्मिला शर्मा है. आशीष परिवार के बड़े बेटे थे. छोटा भाई भी भोपाल में रहकर मध्य प्रदेश पुलिस में जाने की तैयारी कर रहा है. सबसे दुखद यह कि आशीष शर्मा की शादी जनवरी 2026 में होने वाली थी, लेकिन शादी की तैयारी में डूबी गलियां अब मातम में डूब गईं. 

Ashish Sharma Shaheed

सरकारी स्कूल से पढ़ाई और बहादुरी का सफर

आशीष शर्मा ने प्राथमिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल से और हाई स्कूल बोहानी से पूरी की. इसके बाद उन्होंने नरसिंहपुर के पीजी कॉलेज से पढ़ाई की और फिर पुलिस सेवा में जाने की तैयारी शुरू की.

Advertisement

उनका चयन आरक्षक के रूप में हुआ और 2016 में वे विशेष सशस्त्र बल में शामिल हुए. आशीष शर्मा ने 2018 में हॉक फोर्स ज्वाइन की. नक्सल ऑपरेशनों में बहादुरी के लिए भारत सरकार उन्हें दो बार वीरता पदक से सम्मानित कर चुकी है. उनकी बहादुरी के कारण उन्हें दो बार आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिला था. मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उन्हें सम्मानित किया था.

अंतिम विदाई देने आएंगे मुख्यमंत्री

शहीद आशीष शर्मा की पार्थिव देह 20 नवंबर 2025 को उनके पैतृक गांव बोहानी पहुंचेगी. तिरंगे में लिपटी देह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, उन्हें अंतिम विदाई देने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आने की संभावना है. स्थानीय प्रशासन पूरी तैयारी में जुटा रहा.

Advertisement