अमिताभ बच्चन से ट्वीट करवाओ, 51 हजार पाओ! गिरते रुपये पर इंदौर में कांग्रेस का पोस्टर वार

डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है. इस पर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कांग्रेस ने महानायक अमिताभ बच्चन को निशाने पर लिया है. गिरते रुपये के मुद्दे पर कांग्रेस ने पोस्टर वार शुरू किया है.

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इंदौर में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने अमिताभ बच्चन के साल 2013 के पुराने ट्वीट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि तब रुपये की गिरावट पर चिंता जताने वाले आज चुप क्यों हैं? कांग्रेस ने इस मामले में 51 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है. मध्य प्रदेश बीजेपी ने इसे पोस्टर पॉलिटिक्स और ध्यान भटकाने की कोशिश बताया.

कांग्रेस ने अमिताभ बच्चन पर साधा निशाना

इंदौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पोस्टरों के माध्यम से महानायक अमिताभ बच्चन को निशाने पर लिया. कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल ने शहर के विभिन्न हिस्सों में पोस्टर लगाए, जिनमें अमिताभ का 2013 का ट्वीट दिखाया गया था, जिसमें उन्होंने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट पर चिंता जताई थी.

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इंदौर कांग्रेस का सवाल है कि तब आवाज उठाने वाले आज क्यों चुप हैं. पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि उस दौर में जूही चावला, अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री समेत कई कलाकार खुलकर रुपये की गिरावट पर प्रतिक्रिया देते थे, लेकिन अब सभी खामोश हैं.

amitabh bachchan tweet reward 51000 falling rupee indore congress poster war

51 हजार रुपये का इनाम: अमिताभ से ट्वीट दिलाने वाले को मिलेगा पुरस्कार

इस विवाद को और बढ़ाते हुए कांग्रेस ने घोषणा की है कि जो कोई भी अमिताभ बच्चन से इस मुद्दे पर ट्वीट करवा देगा या उनसे प्रतिक्रिया दिलाएगा, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. 

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बीजेपी ने पलटवार किया: कांग्रेस की पोस्टर पॉलिटिक्स ‘नौटंकी'

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के इस कदम को "नौटंकी" करार देते हुए पलटवार किया. बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है. उनका दावा है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के चलते कई देशों की मुद्रा दबाव में है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग देकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. 

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राजनीतिक पारा चढ़ा: विपक्ष बनाम सत्तापक्ष

गिरते रुपये को लेकर सियासी पारा बढ़ता जा रहा है. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इसे आर्थिक विफलता बताकर सत्तापक्ष पर निशाना साध रही है, वहीं बीजेपी इसे वैश्विक कारणों का परिणाम बताते हुए कांग्रेस की आलोचना कर रही है.

बता दें कि मार्च 2026 में मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल व अमेरिका के बीच तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजारों से पैसा निकालने के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रहा है. शुक्रवार, 20 मार्च की सुबह रुपये के लिए किसी झटके से कम नहीं रही. इतिहास में पहली बार रुपया 93 के पार निकल गया है. 

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