ओवैसी की पार्टी के जिलाध्यक्ष के लिए लाखों की फंडिंग! वायरल ऑडियो से बुरहानपुर की राजनीति में मचा भुचाल

बुरहानपुर में एआईएमआईएम पार्टी से जुड़ा एक कथित वायरल ऑडियो सामने आने के बाद राजनीति गर्मा गई है. ऑडियो में जिलाध्यक्ष पद के लिए लाखों रुपये की फंडिंग की बात कही जा रही है. इस मामले को लेकर एआईएमआईएम, कांग्रेस और बीजेपी आमने‑सामने आ गई हैं.

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AIMIM Viral Audio: बुरहानपुर की सियासत इन दिनों एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर गरमा गई है. सोशल मीडिया पर सामने आए इस ऑडियो ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. ऑडियो में एआईएमआईएम पार्टी के जिलाध्यक्ष पद को लेकर लाखों रुपये की फंडिंग की बात कही जा रही है. मामले के सार्वजनिक होते ही एमआईएम, कांग्रेस और बीजेपी तीनों दलों के नेता आमने‑सामने आ गए हैं और आरोप‑प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.

वायरल ऑडियो से उठा विवाद

सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में कथित तौर पर दो लोग बातचीत कर रहे हैं. इसमें एक व्यक्ति बुरहानपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट जहीर उद्दीन को दोबारा जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बदले कुछ लाख रुपये फंडिंग देने की बात करता सुना जा रहा है. वहीं दूसरा व्यक्ति इस कथित डील को लेकर भोपाल आने की बात कह रहा है. ऑडियो के सामने आते ही स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया.

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प्रदेश अध्यक्ष के दौरे के बाद सामने आया ऑडियो

गौरतलब है कि रविवार को ही एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान बुरहानपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे. उनके बुरहानपुर से रवाना होने के कुछ समय बाद ही यह कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसी वजह से इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह‑तरह के सवाल उठने लगे हैं.

एआईएमआईएम का आरोप: कांग्रेस की साजिश

ऑडियो मामले में प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम के पूर्व जिलाध्यक्ष जहीर उद्दीन ने इसका ठीकरा कांग्रेस पार्टी पर फोड़ा है. उनका कहना है कि एआईएमआईएम की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर कांग्रेस इस तरह के ऑडियो वायरल करा रही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई जाएगी.

कांग्रेस ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

उधर कांग्रेस नेता डॉ. फरीद उद्दीन काजी ने साफ कहा कि वायरल ऑडियो से कांग्रेस का कोई लेना‑देना नहीं है. उन्होंने कहा कि यह एआईएमआईएम का अंदरूनी मामला है, लेकिन इस ऑडियो से पार्टी की सच्चाई जनता के सामने आ गई है. उनका दावा है कि अब खासकर अल्पसंख्यक वर्ग का भरोसा इस पार्टी से उठ जाएगा.

बीजेपी की प्रतिक्रिया: आत्ममंथन का समय

बीजेपी अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष अजहर उल हक ने भी वायरल ऑडियो पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह सोचने का समय है कि किस तरह कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए धार्मिक नारों और भाषणों का सहारा लेकर अल्पसंख्यक समाज को गुमराह करते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे कांग्रेस हो या एआईएमआईएम, कुछ स्वार्थी नेताओं ने बुरहानपुर और अल्पसंख्यक वर्ग को पीछे धकेलने का काम किया है.

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एआईएमआईएम समर्थकों का पलटवार

एआईएमआईएम से जुड़े नेताओं और समर्थकों का कहना है कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के कद से कांग्रेस घबराई हुई है. उनका आरोप है कि एआईएमआईएम को बदनाम करने के लिए बार‑बार इस तरह के षड्यंत्र किए जाते हैं और फर्जी ऑडियो वायरल किए जाते हैं. पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत साइबर सेल में की जाएगी.

राजनीति से आगे सोचने की जरूरत

इस पूरे विवाद को लेकर कुछ नेताओं का मानना है कि फिलहाल किसी एक पार्टी को घेरने से ज्यादा जरूरी राजनीतिक हालात पर गंभीरता से सोचने की है. वर्षों से बुरहानपुर की राजनीति में देखा जा रहा है कि व्यक्तिगत स्वार्थों के चलते विकास प्रभावित हुआ है. दल बदल, आरोप‑प्रत्यारोप और आपसी खींचतान में आम जनता और खासकर अल्पसंख्यक वर्ग को नुकसान उठाना पड़ा है. 

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