20 लाख की लागत से अब्दुल नईम बना रहा था स्कूल, अनुमति नहीं होने के नाम पर चला दिया गया बुलडोजर

Bulldozer Action on School: प्रशासन ने पंचायत से बिना अनुमति लिए  स्कूल भवन बनाने पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जबकि ज़मीन उसकी निजी थी. लेकिन भवन बनाने की अनुमति नहीं होने पर इसे अनिवार्य शर्त बताते हुए कलेक्टर ने कथित अवैध स्कूल भवन पर बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया, जिससे हड़कम्प मच गया.

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Bulldozer Action on School in Baitul: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल में भैंसदेही ब्लॉक के धाबा गांव में अब्दुल नईम (Abdul Naeem) नाम का शख्स अपनी निजी ज़मीन पर स्कूल बना रहा था. लेकिन, स्थानी लोगों के एक मुसलमान शख्स की ओर से स्कूल बनाए जाने पर इलाके में कथित रूप से अवैध मदरसा बनाए जाने की अफवाह फैला दी गई. हालांकि, प्रशासन ने मामले में जांच शुरू की, तो मालूम हुआ कि अब्दुल नईम नाम के शख्स ने पंचायत से भवन अनुमति लिए बगैर स्कूल भवन बना रहा था.

हालांकि, इसके बाद भी प्रशासन ने पंचायत से बिना अनुमति लिए  स्कूल भवन बनाने पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जबकि ज़मीन उसकी निजी थी. लेकिन भवन बनाने की अनुमति नहीं होने पर इसे अनिवार्य शर्त बताते हुए कलेक्टर ने कथित अवैध स्कूल भवन पर बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया, जिससे हड़कम्प मच गया.

पीड़ित ने दी आत्महत्या का आरोप

इसके बाद स्कूल भवन मालिक अब्दुल नईम पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और आत्महत्या की धमकी तक दे दी, लेकिन फिर भी प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर स्कूल भवन के कुछ हिस्से को गिरा दिया. अब्दुल ने कलेक्टर को बताया कि उसे पंचायत से एनओसी मिली है, लेकिन जब राजस्व अमला मौके पर पहुंचा, तो गांव के सरपंच सचिव ने एनओसी की बात को झूठा बताया .

स्कूल के पक्ष में उतरे ग्रामीण

हालांकि, गांव के लोग स्कूल के पक्ष में हैं. गांव वालों का कहना है कि यदि स्कूल भवन के निर्माण में किसी कानून का उल्लंघन हुआ है, तो जुर्माना भरकर उसकी भरपाई की जा सकती है. भवन तोड़ने पर उनके बच्चे पढ़ नहीं पाएंगे. बताया जाता है कि भवन तोड़ने का आदेश वापिस नहीं हुआ, तो गांव वालों ने 80 किलोमीटर दूर कलेक्टर की जनता दरबार से मिलने का प्लान बनाया. हालांकि, जैसे ही सैकड़ों ग्रामीण नईम के साथ बैतूल कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने पहुंचे, उन्हें रास्ते में पुलिस ने रोक दिया.

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ग्रामीण अपने गांव में स्कूल बनाए जाने के पक्ष में हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से बिना अनुमति के स्कूल या निजी भवन बनाने को अवैध बता दिया गया है. हालांकि, कलेक्टर ने आखिर में बुलडोजर एक्शन रोक कर नईम को दोबारा नोटिस दिया है और उसे खुद ही भवन गिराने की हिदायत दी है. साथ ही ये भी चेतावनी दी है कि यदि समय सीमा में भवन नहीं गिराया गया, तो दोबारा प्रशासन एक्शन लेगा . 

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