Madhya Pradesh: बड़वानी में 9वीं की छात्रा की मौत पर बवाल, निवाली थाने के सामने जयस का धरना 

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के एकलव्य आदिवासी छात्रावास पुरुषखेड़ा में 9वीं कक्षा की छात्रा की मौत के चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर आदिवासी संगठन जयस ने निवाली थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया. संगठन ने पुलिस और छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है.

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Madhya Pradesh: मध्‍य प्रदेश के बड़वानी जिले की निवाली तहसील स्थित एकलव्य आदिवासी छात्रावास पुरुषखेड़ा में 13 जनवरी 2026 की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. छात्रावास में रह रही कक्षा 9वीं की एक छात्रा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला.

छात्रावास की अन्य छात्राओं ने जब छात्रा को फंदे पर लटका देखा, तो तुरंत इसकी जानकारी छात्रावास अधीक्षिका को दी. इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी और निवाली पुलिस मौके पर पहुंची. छात्रा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है.

चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं, जयस का थाने के सामने धरना

घटना के चार दिन बीतने के बावजूद जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आदिवासी संगठन जयस ने शनिवार रात से निवाली थाना परिसर में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया. यह धरना अब भी जारी है.

जयस का आरोप: आत्महत्या नहीं, संदिग्ध हत्या का मामला

जयस संगठन के जिला प्रभारी निलेश चौहान का कहना है कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है, जबकि संगठन इसे संदिग्ध हत्या मानता है. उनका आरोप है कि छात्रावास प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के कारण छात्रा की जान गई.

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तीन दिन में कार्रवाई का वादा, FIR तक नहीं

निलेश चौहान ने कहा कि “हमने 13 जनवरी को ही प्रशासन से बात की थी. हमें तीन दिन में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई की गई. इसलिए हमें धरना देना पड़ा.”

स्पेशल मजिस्ट्रेट जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग

जयस संगठन की मांग है कि छात्रा की मौत के मामले में छात्रावास के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का मामला दर्ज किया जाए. संगठन ने यह भी मांग की है कि पूरे मामले की स्पेशल मजिस्ट्रेट द्वारा स्वतंत्र जांच कराई जाए. चेतावनी दी गई है कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल मध्य प्रदेश पुलिस जांच में जुटी है, लेकिन 9वीं की छात्रा की मौत को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

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