इन जगहों से रहा है प्रभु श्री राम का खास नाता, महाराष्ट्र के इस शहर में हुई घटना के बाद रावण ने किया था सीता का हरण!

हम आपको उन स्थानों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां से प्रभु श्रीराम किसी ना किसी रूप में जुड़े रहे हैं. आपको एक बार वहां दर्शन करने और घूमने जरूर जाना चाहिए.

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भगवान राम का जन्म आयोध्या शहर में हुआ था

These cities associated with Lord Ram: प्रभु श्रीराम के जीवन की कहानी को बताने वाला पवित्र ग्रंथ रामायण, हिन्दू धर्म का प्रमुख ग्रन्थ माना जाता है. रामायण पर कई फ़िल्में और TV सीरियल भी बने हैं. रामायण (Ramayan) भगवान श्रीराम (Lord Shree Ram) उनके भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के 14 साल के वनवास के ऊपर आधारित है. रामायण में श्रीराम के जीवन के हर पहलू के बारे में बताया गया है. भारत के अधिकांश क्षेत्रों में प्रभु श्रीराम ने यात्रा की, हम आपको उन्हीं स्थानों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां से प्रभु श्रीराम (Prabhu Shree Ram) का नाता जुड़ा है और आपको एक बार वहां दर्शन करने और घूमने जरूर (Worth visit places) जाना चाहिए, आइए जानते हैं कौन -कौन से हैं वो स्थान..

पंचवटी
पंचवटी नासिक रामायण में सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है. यहां लक्ष्मण ने सूर्पनखा की नाक काटी थी जिसके बाद रावण ने देवी सीता का हरण किया था. वर्तमान में महाराष्ट्र राज्य में स्थित पंचवटी को नासिक के नाम से जाना जाता है.

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चित्रकूट
रामायण में चित्रकूट का कई जगह वर्णन किया गया है. यहां भरत ने राजा दशरथ की मृत्यु की सूचना देने के लिए भगवान राम के पास जाते हुए भरतमिलाप किया था. वर्तमान में चित्रकूट मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच स्थित है और यहां सैकड़ों की संख्या में लोग घाट देखने के लिए आते हैं.

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प्रयागराज
14 साल के वनवास के दौरान भगवान राम देवी सीता और लक्ष्मण ने प्रयागराज की पवित्र गंगा नदी को पार किया था, इस स्थान को पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था लेकिन अब इस स्थान को प्रयागराज के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा प्रयागराज त्रिवेणी संगम स्थल के लिए भी मशहूर है और लोग यहां पिंडदान करने के लिए भी आते हैं.

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आयोध्या
भगवान राम का जन्म आयोध्या शहर में हुआ था, यहां भगवान श्रीराम का मंदिर हाल ही में बनाया गया है. जिसकी भव्य प्राण प्रतिष्ठा भी की गई थी, अयोध्या जाकर आप कई अन्यों मंदिरों में भी दर्शन कर सकते हैं

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